Bihar Bypolls 2024: बिहार में विधानसभा की चार सीटों तरारी, रामगढ़, बेलागंज, इमामगंज पर हो रहे उपचुनाव दोनों गठबंधनों NDA और महागठबंधन के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बने हुए हैं। बक्सर लोकसभा क्षेत्र के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव की सरगर्मी काफी तेज हो गई है। नामांकन होने के बाद RJD प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ जनसंपर्क कर अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं। वहीं, BSP, BJP एवं जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी गांव-गांव पहुंचकर लोगों को पक्ष में करने का अभियान तेज कर दिया है।
सभी पुराने चेहरों के बीच जन सुराज पार्टी ने अपने मुख्य एजेंडों के तहत बिहार में बदलाव, शिक्षा एवं रोजगार के मुद्दे को लेकर अभियान को तेज कर दिया है। जनता भी अपना निर्णय लेने के लिए मन बना रही है। मतदाताओं के मन मिजाज को जानने के लिए 'लोकल 18' की टीम जब मदनपुर गांव पहुंची, तो यहां के युवाओं ने कहा कि गांव में अभी रोजगार की कमी है। अभी यह गांव विकास से काफी दूर है।
पढ़ाई कर बेरोजगारी की मार झेल रहे समीम खान ने 'लोकल 18' से विशेष बातचीत में बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में विकास बहुत कम दिख रहा है। हालांकि कई मामलों में गांव आगे बढ़ रहा है। फिर भी अभी रोजगार नहीं मिलने से अधिकतर लोग शहर की ओर पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ नीचले पायदान पर रहने वाले लोगों को नहीं मिल रहा है। इन युवाओं को रोजगार नहीं मिलने से वह दिल्ली, सूरत एवं मुंबई जैसे शहरों में जाकर काम करने को मजबूर हैं।
बदलाव को लेकर लोग करेंगे मतदान
समीम खान ने आगे बताया कि हर बार चुनाव में नेताओं के माध्यम से रोजगार को मुद्दा बनाया जाता है। इस बार इस ग्रामीण क्षेत्र में लोग बदलाव को लेकर मतदान करेंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि जो भी प्रत्याशी इस बार चुनाव में जीत हासिल करेगा। वह आने वाले दिनों में गांव के विकास पर ध्यान जरूर देगा। ऐसा ही कुछ बात गांव के अन्य युवकों ने भी इनके साथ साझा कर विकास के साथ बदलाव के नाम पर वोट की बात कही।
NDA के लिए रामगढ़ सीट होगी चुनौती
सुधाकर सिंह के सांसद बनने के बाद रामगढ़ की सीट खाली हुई थी। बक्सर संसदीय सीट के अंदर आने वाले रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र पर 1985 से इस सीट पर आरजेडी का दबदबा रहा है। हाल ही में लोकसभा चुनाव में बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह विजयी हुए थे। इस उपचुनाव में भी सुधाकर सिंह की लोकप्रियता से निपटना एनडीए के प्रत्याशी के लिए बड़ी चुनौती होगी। इस सीट पर जीत के लिए एनडीए एड़ी चोटी का जोर लगाएगा।
दोनों गठबंधन अपनी सीट बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। दरअसल, 2024 लोकसभा चुनाव में इन सभी विधानसभा सीटों पर एनडीए प्रत्याशियों की हार हुई है। इस स्थिति में एनडीए को लोकसभा चुनाव के परिणाम को बदलना एक बड़ी चुनौती है। लोकसभा चुनाव में इन सभी विधानसभा सीटों में एनडीए प्रत्याशी पिछड़ गए थे।