MP Election 2023: समाजवादी पार्टी (SP) ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव (MP Assembly Election) के लिए मंगलवार को अपने 'पक्के वादों' का ऐलान कर दिया। कांग्रेस के साथ तालमेल नहीं हो पाने के कारण SP मध्य प्रदेश की 10-12 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने पर विचार कर रही है। SP प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने एक बयान में बताया, "पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए ‘पक्के वादे’ जारी कर दिए हैं।"
उन्होंने कहा, “यह चुनाव घोषणापत्र नहीं है, बल्कि वादों की लिस्ट है। पार्टी प्रत्याशियों की जीत के बाद SP प्राथमिकता के आधार पर उन वादों पर अमल कराने को प्रतिबद्ध रहेगी।”
इस सवाल पर कि क्या मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में विपक्ष दलों के गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (I.N.D.I.A) के तहत कांग्रेस से तालमेल की सभी सम्भावनाएं खत्म हो गयी हैं? SP प्रवक्ता ने कहा, "इंडिया गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए है और राज्य विधानसभा चुनावों में इस पर अमल करने में दिक्कत हो रही है। क्योंकि कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े कर दिए हैं, इसलिए SP भी अब 10-12 सीटों पर प्रत्याशी खड़े करने पर विचार कर रही है।"
चौधरी ने बताया कि SP ने आज मध्य प्रदेश की जनता से ‘पक्का वादा’ किया है कि पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक (PDA) और आदिवासियों को उनका हक और सम्मान दिलाया जाएगा, जाति जनगणना होगी और सभी को आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी मिलेगी। पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। महिलाओं के लिए समाजवादी पेंशन योजना शुरू की जाएगी।”
उन्होंने बताया कि इसके अलावा पार्टी ने महिलाओं के विरुद्ध अपराध रोकने के लिए उत्तर प्रदेश में अपनी पिछली सरकार के दौरान शुरू की गई '1090 सर्विस' की तर्ज पर एक रैपिड रिस्पांस टीम बनाने, मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, सभी को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार की गारंटी देने आदि के वादे भी किए हैं।
क्यों नहीं बनी सीट शेयरिंग पर बातचीत?
इससे पहले समाजवादी पार्टी (SP) ने मध्य प्रदेश चुनाव के लिए अपने नौ उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। लिस्ट में शामिल लोगों में निर्वाडी विधानसभा सीट से विधायक मीरा दीपक यादव, राजनगर से बृजगोपाल पटेल, भांडेर से डीआर राहुल, धौहनी से विश्वनाथ सिंह मरकाम, चितरंगी से श्रवण कुमार सिंह गौर, सिरमौर से लक्ष्मण तिवारी, बिजवार से मनोज यादव, कटंगी से महेश सहारे और सीधी से रामप्रताप सिंह यादव शामिल हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि सपा की तरफ से उम्मीदवार उतारते ही दोनों पार्टियों के बीच विवाद दिखने लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि समाजवादी पार्टी ने चार ऐसी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जहां कांग्रेस पहले ही 144 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। ऐसे मतभेद उत्तर प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनाव में सहयोगी दलों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।
चितरंगी, मेडगांव, भांडेर और राजनगर ऐसी विधानसभा सीटें हैं, जहां कांग्रेस और SP दोनों ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। 2018 में चितरंगी को छोड़कर कांग्रेस ने इन सभी सीटों पर जीत हासिल की थी।
कुछ SP नेताओं ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में नाराजगी है, क्योंकि बिजावर विधानसभा सीट से कांग्रेस का भी उम्मीदवार है। 2018 के विधानसभा चुनाव में SP ने ये सीट जीती थी। हालांकि, छतरपुर विधानसभा सीट के लिए SP ने अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
समाजवादी पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कम्यूनिकेशन की कमी के कारण बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी जिसके बाद SP ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की।