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MP Election 2023: केंद्रीय मंत्रियों को विधायक का चुनाव क्यों लड़ा रही BJP, राज्य में लीडरशिप बदलने के क्या हैं मायने?

MP Election 2023: इन चौंकाने वाले फैसलों के बाद, कई लोगों ने एक संकेत देखा कि मुख्यमंत्री का पद अब खुला है। इसके अलावा बीजेपी सत्ता विरोधी लहर का सामने करने के लिए या तो शिवराज सिंह चौहान को मैदान में नहीं उतारने का फैसला चुना सकती है या उन्हें सामूहिक नेतृत्व का ही एक हिस्सा बना कर पेश कर सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 29, 2023 पर 6:43 PM
MP Election 2023: केंद्रीय मंत्रियों को विधायक का चुनाव क्यों लड़ा रही BJP, राज्य में लीडरशिप बदलने के क्या हैं मायने?
MP Election 2023: केंद्रीय मंत्रियों को विधायक का चुनाव क्यों लड़ा रही BJP

MP Election 2023: आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों (MP Assembly Elections) में केंद्रीय मंत्रियों नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते और चार लोकसभा सांसदों को मैदान में उतारने के BJP के फैसले ने इस पूरे हफ्ते सियासी गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरी। इसी के साथ पार्टी ने ये भी संकेत दिया कि चुनाव के बाद पार्टी राज्य में एक नई लीडरशिप टीम को उतार सकती है। इन चौंकाने वाले फैसलों के बाद, कई लोगों ने एक संकेत देखा कि मुख्यमंत्री का पद अब खुला है।

इसके अलावा बीजेपी सत्ता विरोधी लहर का सामने करने के लिए या तो शिवराज सिंह चौहान को मैदान में नहीं उतारने का फैसला चुना सकती है या उन्हें सामूहिक नेतृत्व का ही एक हिस्सा बना कर पेश कर सकती है।

बीजेपी की ये रणनीति पूरी तरह से नई नहीं है, लेकिन इसमें एलिमेंट नए हो सकते हैं। 2003 के राज्य चुनावों में, चौहान को राघौगढ़ से कांग्रेस के तत्कालीन सीएम दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए कहा गया था। चौहान तब खुद चार के लोकसभा सांसद थे।

BJP जीत गई, लेकिन चौहान हार गए। 2004 में फिर से लोकसभा में भेजे जाने के बाद, उन्हें अगले साल बतौर सीएम राज्य में वापस लाया गया। इसके तुरंत बाद उन्होंने बुधनी से उपचुनाव जीता।

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