Ladli Behna Yojana Benefits: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 20 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले 'लड़की बहन योजना' को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार (14 नवंबर) को बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि महाराष्ट्र में 'महायुति' सरकार बनते ही 'लड़की बहन योजना' का किस्त बढ़ाकर 2,100 रुपये कर देगी। आपको जानकारी कि लिए बता दें कि इस योजना में 2.34 करोड़ लाभार्थी हैं, जिन्हें पांच महीने से लगातार 1,500 रुपये मिल रहे हैं। गोयल ने कहा कि अब तक राज्य भर की महिलाओं को इस योजना के तहत ₹1,500 की पांच किस्तें मिल चुकी हैं।
उन्होंने कहा, "अगले पांच वर्षों में उस आयु वर्ग की प्रत्येक महिला को प्रति वर्ष 1.25 लाख रुपये मिलेंगे।" विपक्षी MVA गठबंधन ने "महालक्ष्मी योजना" के तहत महिलाओं को 3,000 रुपये प्रति माह देने और राज्य परिवहन बसों में मुफ्त यात्रा का वादा किया है। गोयल ने कहा कि महिलाओं को औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाने की जरूरत है। गोयल को भरोसा है कि महायुति महाराष्ट्र में वापस आएगी।
गुरुवार को CNBC-TV18 ग्लोबल लीडरशिप समिट 2024 (CNBC-TV18 Global Leadership Summit 2024) में केंद्रीय मंत्री ने कहा, "शरद पवार के गढ़ में हवाएं बदलती दिख रही हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि महायुति 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए वापस आएगी।" 288 सदस्यीय विधानसभा में 20 नवंबर को मतदान होगा और परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
गोयल ने कहा कि महायुति मुंबई और कोंकण में "क्लीन स्वीप" करेगी। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र के लोग 'खटाखट' प्रचार, झूठे वादों और तथाकथित गारंटी के झांसे में नहीं आएंगे!" महाराष्ट्र में महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच सीधा मुकाबला है। महायुति में बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और एनसीपी (अजित पवार) शामिल हैं। वहीं महा विकास अघाड़ी में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शरद पवार) शामिल हैं। महाराष्ट्र चुनाव के लिए कुल 4,140 उम्मीदवार मैदान में हैं।
दोनों गुट महिला मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, जो राज्य में मतदाताओं का लगभग आधा हिस्सा है। गोयल ने कहा, "हम सुनिश्चित करते हैं कि जनगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 फीसदी सांसद महिलाएं होंगी।" मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में गोयल ने कहा कि यह निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम चुनाव खत्म होने के बाद फैसला करेंगे। सामूहिक रूप से निर्णय लिया जाएगा, प्रधानमंत्री मोदी का आशीर्वाद मिलेगा और यह सहज होगा।"