महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी को मिली करारी हार को काफी समय बीत चुका है। लोकसभा में दलित-मुस्लिम वोटों के गठबंधन और इसके साथ ही मराठा मतदाताओं के गठजोड़ ने बीजेपी की अगुआई वाली महायुति को तगड़ा झटका दिया था। कांग्रेस की अगुआई वाली विपक्ष ने BJP पर जोरोशोरों से संविधान बदलने का आरोप लगाया। महाविकास अघाड़ी (MVA) अभी भी संविधान बचाने को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि हरियाणा विधानसभा के नतीजों के बाद अब माहौल बदला दिख रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद मतदाताओं को लेकर जो धारणाएं बनी थीं, वो हरियाणा के नतीजों से ध्वस्त हो गई हैं। हरियाणा में दलित समुदाय ने BJP को वोट देकर ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित की है।
