Rajasthan Election 2023: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को एक बयान में दावा किया कि कई बिचौलियों और प्रॉपर्टी डीलरों ने राजस्थान सरकार के PHE विभाग के अधिकारियों को जल जीवन मिशन योजना (Jal Jeevan Mission scheme) से "अवैध तरीके से कमाया" हुआ पैसा निकालने में "मदद" दी। केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में शुक्रवार को चुनावी राज्य में 26 जगहों पर छापेमारी की थी। पहले दौर की छापेमारी सितंबर में की गई थी।
जयपुर और दौसा में पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग (PHED) के वरिष्ठ अधिकारियों, IAS अधिकारी और अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल के आवासीय और आधिकारिक परिसरों के अलावा निजी व्यक्तियों के ठिकानों पर तलाशी ली गई।
ED ने एक बयान में कहा कि तलाशी के दौरान 48 लाख रुपए का "बेहिसाब" कैश और 1.73 करोड़ रुपए की बैंक जमा राशि, प्रॉपर्टी के दस्तावेज, डिजिटल सबूत, हार्ड डिस्क, मोबाइल आदि समेत आपत्तिजनक दस्तावेजों को फ्रीज या जब्त कर लिया गया है।
जांच में पाया गया कि ठेकेदार भारतीय रेलवे कंस्ट्रक्शन इंटरनेशनल लिमिटेड (IRCON) की तरफ से जारी किए गए कथित "फर्जी" वर्क कंप्लीशन सर्टिफिकेट के आधार पर और PHED के वरिष्ठ अधिकारियों को "रिश्वत" देकर जल जीवन मिशन से जुड़े कामों के टेंडर हासिल करने में शामिल थे।
ED ने कहा, “कई बिचौलियों और प्रॉपर्टी डीलरों ने JJM घोटाले से अवैध रूप से कमाए गए पैसे को निकालने में PHED अधिकारियों की मदद की है।”
राज्य में 200 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए 25 नवंबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती चार दूसरे राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना के साथ 3 दिसंबर को होगी।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय एजेंसियां विपक्षी नेताओं और कांग्रेस नीत सरकारों को निशाना बनाने के लिए केंद्र की BJP नीत सरकार के निर्देश पर काम कर रही हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग का मामला राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की FIR से उपजा है, जिसमें आरोप लगाया कि श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी के मालिक पदमचंद जैन, श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल और अन्य लोग अवैध सुरक्षा, टेंडर हासिल करने, बिल पास कराने और अनियमितताओं को छुपाने के लिए लोक सेवकों को "रिश्वत देने" में शामिल थे।
केंद्र सरकार की तरफ से शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना का मकसद घरेलू नल कनेक्शन के जरिए सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। इसे राजस्थान में राज्य PHED की तरफ से लागू किया जा रहा है।