Jaipur Road Rage Incident: राजस्थान की राजधानी जयपुर के गंगापोल इलाके में पांच दिन पहले हुई इकबाल नाम के युवक की हत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जयपुर में शुक्रवार देर रात हुई रोड रेज घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने बुधवार को राज्य सरकार के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में हिंदू संगठनों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने गहलोत सरकार पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। अधिकारियों से जवाबदेही की मांग करने के लिए हिंदू समूह बड़ी संख्या में जुटे थे। मामले में गहलोत सरकार की कथित तुष्टिकरण की नीतियों के विरोध में 'जयपुर बचाओ संघर्ष समिति' की ओर से ये प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मामले को मॉब लिंचिग का नाम देकर हिंदू परिवारों को प्रताड़ित किया जा रहा है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शनिवार को गुलाबी शहर में सांप्रदायिक तनाव तब भड़क गया जब 17 वर्षीय एक किशोर की कथित तौर पर रोड रेज के बाद हुई गलतफहमी में हत्या कर दी गई। घटना शुक्रवार देर रात सुभाष चौक थाना क्षेत्र की है।
गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को सुभाष चौक और रामगंज के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया और दुकानें बंद कर दीं। उन्होंने सड़कें भी जाम कर दी थीं। शहर में भड़की सांप्रदायिक झड़पों के कारण कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई।
मेहरा कॉलोनी के पास सड़क पर दो बाइक सवारों की टक्कर हो गई जिसके बाद उनमें मारपीट होने लगी। इसके बाद उनके झगड़े के दौरान कॉलोनी के निवासियों ने हस्तक्षेप किया और दोनों से लड़ाई न करने और अपने-अपने रास्ते जाने को कहा। जिस त्रासदी के कारण युवक की मौत हुई, वह निवासी के अनुरोध के अनुसार एक बाइक सवार के चले जाने के बाद सामने आई। हालांकि, दूसरा बाइक सवार कॉलोनी के निवासी के साथ बहस में पड़ गया। तनाव तब बढ़ गया जब लोगों ने बाइक सवार पर हमला कर उसे पीटना शुरू कर दिया। हमले के बाद शख्स की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान जयसिंहपुरा निवासी इकबाल के रूप में हुई। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि उसके परिवार ने दावा किया कि सड़क की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। हालांकि, इकबाल के परिवार ने पोस्टमार्टम की अनुमति देने से इनकार कर दिया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसमें भीड़ में से कोई इकबाल को थप्पड़ मारता नजर आ रहा था।
जबकि दूसरा उसे घसीटते हुए नजर आ रहा था। जयपुर शहर प्रशासन ने इकबाल के परिवार के लिए 50 लाख रुपये का मुआवजा, नौकरी और एक डेयरी बूथ की घोषणा की है। उनके परिवार की मांग है कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। रामगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है। हालांकि खबर लिखे जाने तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।