Rajasthan Election 2023: BJP की दूसरी लिस्ट में वसुंधरा राजे का नाम, नेता प्रतिपक्ष की बदली गई सीट, ये पांच फैक्टर आए सामने

Rajasthan Election 2023: वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) की उम्मीदवारी को लेकर चल रही अटकलों को खत्म करते हुए, भगवा पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री को झालरापाटन सीट से मैदान में उतारा। पार्टी ने पहले राजस्थान की पहली लिस्ट में 41 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की थी। इसमें पार्टी ने राज्यसभा सदस्य समेत सात सांसदों के नाम का ऐलान किया था। वहीं दूसरी लिस्ट एक व्यापक राजनीतिक संदेश देती है

अपडेटेड Oct 21, 2023 पर 7:30 PM
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Rajasthan Election 2023: BJP की दूसरी लिस्ट में वसुंधरा राजे का नाम, नेता प्रतिपक्ष की बदली गई सीट

Rajasthan Election 2023: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार को, नवरात्रि के सातवें दिन, महा सप्तमी के अवसर पर, राजस्थान विधानसभा चुनाव (Rajasthan Assembly Election) के लिए 83 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी लिस्ट (Second List) की घोषणा की। वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) की उम्मीदवारी को लेकर चल रही अटकलों को खत्म करते हुए, भगवा पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री को झालरापाटन सीट से मैदान में उतारा। पार्टी ने पहले राजस्थान की पहली लिस्ट में 41 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की थी। इसमें पार्टी ने राज्यसभा सदस्य समेत सात सांसदों के नाम का ऐलान किया था। वहीं दूसरी लिस्ट एक व्यापक राजनीतिक संदेश देती है।

आखिरकार वसुंधरा के नाम का ऐलान

भले ही सियासी गलियारों में इस बार वसुंधरा राजे को दरकिनार करने की अटकलें लगाईं जा रही हो, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री रेगिस्तानी राज्य में BJP की अब भी सबसे ताकतवर नेता बनी हुई हैं। उनका नाम पहली लिस्ट में नहीं था, जिससे इस बात पर चर्चा शुरू हो गई कि क्या बीजेपी उन्हें इस बार मैदान में उतारेगी या नहीं। हालांकि, इस सब पर राजे ने अब तक चुप्पी साध रखी है, लेकिन सभी की निगाहें दूसरी लिस्ट पर थीं।


हालांकि, अटकलों के लंबे दौर को खत्म करते हुए BJP ने उन्हें झालरापाटन से मैदान में उतारा है। पार्टी ने उनकी सीट नहीं बदली है, जो ये दिखाता है कि भगवा नेतृत्व के भीतर उनका अभी भी प्रभाव है।

ये वह विधानसभा क्षेत्र है, जहां से वह लगातार पांच बार जीतती आ रही हैं। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मानवेंद्र सिंह को हराकर 34,890 वोटों से जीत हासिल की थी।

नेता प्रतिपक्ष की पारंपरिक सीट बदली गई

पूर्व मुख्यमंत्री के अलावा, विपक्ष में किसी भी पार्टी के लिए दो सबसे महत्वपूर्ण नेता विपक्ष के नेता (LoP) और राज्य इकाई के अध्यक्ष हैं। हैरानी की बात ये है कि बीजेपी ने अपने नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ की पारंपरिक सीट बदल दी है।

वर्तमान में चूरू से विधायक राठौड़ को अब तारानगर निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा जा रहा है। उन्होंने इससे पहले उन्होंने सिर्फ एक बार ही तारानग से चुनाव जीता था, जहां वह 2008 से 2013 तक विधायक रहे। राठौड़ ने इससे पहले चूरू से लगातार तीन बार जीत हासिल की थी। कुल मिलाकर वह पांच बार चूरू के विधायक रहे हैं।

ये साफ नहीं है कि क्या पार्टी को सत्ता विरोधी लहर का एहसास हुआ और उसने उनकी सीट बदल दी। लेकिन तथ्य ये है कि वह राजे के वफादार बने हुए हैं। इस ये सवाल उठता है कि क्या पार्टी ऐसा कर के राजस्थान की पूर्व सीएम के लिए कोई राजनीतिक संदेश देना चाहती है।

दीया कुमारी का सवाल सुलझ गया

जब राजसमंद की सांसद दीया कुमारी को आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कहा गया, तो उन्हें जयपुर के विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र से लड़ने के लिए कहा गया। इस सीट पर वर्तमान में नरपत सिंह राजवी का कब्जा है, जिन्हें एक कट्टर वसुंधरा राजे वफादार माना जाता है। वह भैरों सिंह जी शेखावत के दामाद भी हैं, जिन्होंने राजे को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।

बताया जाता है कि राजवी अपनी सीट छोड़ने से नाखुश थे। इससे पहले News18 से बात करते हुए दीया कुमारी ने कहा था, "मैं उनके समर्थन की कायल हूं। हम सभी BJP नेतृत्व के लिए गए निर्णयों का पालन करते हैं। मुझे यकीन है कि मुझे उनसे पूरा समर्थन और आशीर्वाद मिलेगा।”

पार्टी ने कोई कसर न छोड़ते हुए, दूसरी लिस्ट में पांच बार के विधायक राजवी को चित्तौड़गढ़ से मैदान में उतारा है।

जाट वोट और हुड्डा को संदेश

पूर्व कांग्रेस सांसद ज्योति मिर्धा को नागौर से मैदान में उतारा जा रहा है। पूर्व सांसद क्षेत्र के दो प्रभावशाली मिर्धा कुलों में से एक से हैं। वह इस सितंबर में भगवा खेमे में शामिल हुई थीं।

वह जाट समुदाय से भी हैं। एक ऐसा वर्ग जो 2016 में हरियाणा में जाट दंगों और हाल ही में तीन कृषि कानूनों के बाद से BJP से निराश हो गया है। BJP को मिर्धा के जरिए क्षेत्र में जाट वोटों तक पहुंचने की उम्मीद है।

उनकी शादी बीजेपी से जुड़े बिजनेसमैन नरेंद्र गहलौत से हुई है। उनकी बहन श्वेता की शादी हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुडा के बेटे दीपेंद्र हुडा से हुई है। BJP अगले साल होने वाले हरियाणा चुनाव के लिए भी तैयारी करने की कोशिश कर रही है।

10 महिलाओं को मैदान में उतारा गया, मौजूदा विधायकों को हटाया गया

BJP ने 83 नामों में से 10 महिलाओं को मैदान में उतारा है, जिससे ये दूसरी लिस्ट में 12% से थोड़ा ऊपर है। यहां तक ​​कि 41 नामों की अपनी पहली सूची में भी बीजेपी ने केवल चार महिलाओं को मैदान में उतारा था।

ये पूछे जाने पर कि संसद में महिला आरक्षण विधेयक पास होने के बावजूद, BJP ने ज्यादा महिला उम्मीदवारों को मैदान में क्यों नहीं उतारा? एक BJP पदाधिकारी ने कहा कि ये लोकसभा उम्मीदवारों की लिस्ट में दिखाई देगा। पदाधिकारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि 'जीतने की क्षमता' मुख्य मानदंड बनी रहेगी।

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इस बीच, दूसरी लिस्ट में कुछ मौजूदा विधायकों को बाहर कर दिया गया। नरपत सिंह राजवी भले ही चित्तौड़गढ़ सीट से संतुष्ट हो गए हों, लेकिन यहां के मौजूदा विधायक चंद्रभान सिंह को अभी तक सीट नहीं मिली है। 2018 में उन्होंने कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह जाड़ावत को 23,000 से ज्यादा वोटों से हराया था। कथित तौर पर सिंह कई महीनों से नाराज चल रहे हैं।

सांगानेर के मौजूदा विधायक अशोक लाहोटी को भी अब हटा दिया गया है। उन्होंने 2018 में कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 34,000 से ज्यादा वोटों से हराया था। अब सभी की निगाहें बाकी बची 76 सीटों के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट पर हैं।

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