Rajasthan Election 2023: क्या गहलोत पायलट संघर्ष से उबर पाएगी कांग्रेस? एक नजर राज्य में पार्टी की ताकत, कमजोरियों, अवसरों और खतरों पर

Rajasthan Election 2023: ऐसी बहुत सी योजनाएं हैं, जिनके भरोसे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत युवा से लेकर महिला वर्ग को लुभाना में लगे हैं। क्या राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार की तरफ से शुरू की गई व्यापक कल्याणकारी पहल राज्य में कांग्रेस पार्टी को दोबारा सत्ता में वापसी कराएगी? क्या गहलोत-पायलट संघर्ष 25 नवंबर को होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की संभावनाओं को कमजोर कर देगा?

अपडेटेड Oct 15, 2023 पर 4:16 PM
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Rajasthan Election 2023: क्या गहलोत पायलट संघर्ष से उबर पाएगी कांग्रेस?

Rajasthan Election 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव (Rajasthan Assembly Election) के लिए BJP और कांग्रेस (Congress) जमकर जोर आजमाइश कर रहे हैं। राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस एक बार सरकार बनाने के लिए नई-नई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा कर रही है, चाहे वो लड़कियों के लिए फ्री स्कूटी हो या महिलाओं के लिए फ्री स्मार्टफोन.. ऐसी बहुत सी योजनाएं हैं, जिनके भरोसे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत युवा से लेकर महिला वर्ग को लुभाना में लगे हैं। क्या राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार की तरफ से शुरू की गई व्यापक कल्याणकारी पहल राज्य में कांग्रेस पार्टी को दोबारा सत्ता में वापसी कराएगी? क्या गहलोत-पायलट संघर्ष 25 नवंबर को होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की संभावनाओं को कमजोर कर देगा?

आइए एक नजर डालते हैं, इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की ताकत, कमजोरियों, अवसरों और खतरों पर। साथ ही ऊपर वाले सवालों के जवाब भी ढूंढने की कोशिश करते हैं।

ताकत:


तीन बार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की व्यापक पहुंच और जन संपर्क, एक अच्छी तरह से तैयार किए आउटरीच प्रोग्राम की तरफ प्रबलित, पार्टी को सत्ता पर कब्जा करने का एक और अवसर दे सकता है।

- पुरानी पेंशन योजना की बहाली से राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस को लाभ मिलना चाहिए, जिससे लगभग सात लाख कर्मचारियों और उनके परिवारों को लाभ होगा।

- BJP की राज्य इकाई के भीतर विभाजन कांग्रेस के पक्ष में काम कर सकता है, खासकर अगर वसुंधरा राजे के समर्थक सक्रिय रूप से बीजेपी के चुनाव अभियान का समर्थन नहीं करते हैं।

- पार्टी मतदाताओं को ये विश्वास दिलाकर चुनिंदा जिलों में बढ़त हासिल कर सकती है कि केंद्र में BJP पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को प्राथमिकता नहीं दे रही है।

खतरा:

- हाल के दशकों में BJP और कांग्रेस के बीच बारी-बारी से राज्य के इतिहास को देखते हुए, सत्ता विरोधी लहर राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती है।

- BJP राज्य सरकार पर मुसलमानों के प्रति तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए राज्य में सांप्रदायिक हिंसा के मामले सामने ला सकती है।

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- राजस्थान के राजनीतिक परिदृश्य पर असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की मौजूदगी संभावित रूप से कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मुस्लिम वोटों को विभाजित कर सकती है।

- इसके अतिरिक्त, नवगठित भारतीय आदिवासी पार्टी आदिवासी क्षेत्रों में चुनौतियां पेश कर सकती है, जिससे चुनावी परिदृश्य कांग्रेस के लिए ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएगा।

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