इस बार विधानसभा चुनावों में महिला वोटर्स पर सबसे ज्यादा नजरें लगी हुई हैं। माना जा रहा है कि जो पार्टी महिलाओं का दिल जीतने में सफल रहेगी, वह चुनाव भी जीतेगी। कम से कम जोधपुर की महिलाओं का भरोसा तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) पर बना हुआ है। जोधपुर को गहलोत का स्ट्रॉन्गहोल्ड माना जाता है। जोधपुर शहर का सरदारपुरा इलाके की महिलाएं न सिर्फ गहलोत को इस बार भी चुनाव में विजयी बनाना चाहती हैं बल्कि वे उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री के रूप में भी देखना चाहती हैं। इस इलाके की सुनीता ने कहा कि पहले दवाइयां खरीदने पर मेरा काफी पैसा खर्च हो जाता था। पिछले कई सालों से मुझे दवाइयां खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है। मैं हॉस्पिटल जाती हूं और वहां मुझे मुफ्त इलाज मिल जाता है। यही वजह है कि मैं दोबारा गहलोत को वोट दूंगी। गहलोत सरकार ने 'चिरंजीवी' स्कीम शुरू की है, जिसके तहत लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। इस स्कीम के तहत 25 लाख रुपये का मेडिकल इंश्योरेंस फ्री मिलता है।
सरकार की स्कीमों से महिलाएं खुश
सुनीता ने 500 रुपये कीमत में एलपीजी सिलेंडर देने की स्कीम की भी तारीफ की। मुख्यमंत्री ने 23-24 अक्टूबर को जोधपुर का दो दिन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लोगों के बीच 40 बैठके की। पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने जोधपुर जिले की 8 में से 6 सीटों पर जीत हासिल की थी। लेकिन, कुछ महीनों बाद 2019 में गहलोत के बेटे वैभव गहलोत जोधपुर में लोकसभा का चुनाव बीजेपी नेता गजेंद्र सिंह शेखावत से हार गए। यह मुख्यमंत्री के लिए बड़ा झटका था। यह सीट कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए ही प्रतिष्ठा की रही है।
दोबारा सीएम की कुर्सी पर देखना चाहती हैं महिलाएं
एक दूसरी महिला ने कहा कि गहलोत ने बहुत काम किया है। उन्होंने जोधपुर में AIIMS ओपन कराया है। उन्हें बहुत अनुभव है। मेहरानगढ़ फोर्ट के करीब एक दंपत्ति से यह पूछा गया कि क्या कांग्रेस चुनाव जीत जाती है तो गहलोत की जगह सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनना चाहिए? उन्होंने जवाब दिया कि गहलोत को ही दोबारा मुख्यमंत्री बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि गहलोत ने मुफ्त शिक्षा से लेकर मुफ्त फोन तक दिया है। 100 यूनिट बिजली फ्री है। भाजपा हमें क्या दे सकती है, कुछ नहीं। दरअसल, गहलोत ने बतौर मुख्यमंत्री आम लोगों के लिए जो स्कीमें शुरू की हैं, उसका असर दिख रहा है। लोग खुश हैं।
प्रियंका गांधी ने की महिलाओं के लिए नई घोषणा
लेकिन, ऐसा नहीं है कि गहलोत से हर वोटर खुश है। बुजुर्ग हो चुके राकेश नाथ ने कहा कि गहलोत एक अच्छे व्यक्ति हो सकते हैं, लेकिन उनकी सरकार में पेपर लीक के मामले सामने आए। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा गहलोत से नाखुश हैं। युवाओं का मानना है कि गहलोत की वजह से उन्हें जो दिक्कत हुई है, उसके लिए वे इस बार चुनाव में अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। ऐसे में सरदारपुरा में इस बार लड़ाई मुश्किल लगती है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने जोधपुर में अपनी रैली में 500 रुपये में एलपीजी सिलेंडर के अलावा एक नई स्कीम का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस जीतती है तो राज्य में हर परिवार की महिला प्रमुख को सरकार सालाना 10,000 रुपये देगी। लेकिन, इसका कितना फायदा कांग्रेस को मिलेगा, इसका पता 3 दिसंबर को चलेगा।
3 दिसंबर को होगा हार-जीत का फैसला
राजस्थान में 25 नवंबर को चुनाव होने वाले हैं। राज्य में विधानसभा की कुल 200 सीटे हैं। वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। गहलोत तीन बार राज्य के मुख्यंत्री रह चुके हैं। अगर कांग्रेस दोबारा राज्य की सत्ता में आने में सफल रहती है तो भी यह पक्का नहीं है कि गहलोत ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेंगे। हालांकि, कांग्रेस ने इस बारे में अभी कोई संकेत नहीं दिया है।