Rajasthan Election: देश में सबसे महंगा बिकता है तेल, कांग्रेस लगा चुकी है सिक्सर; कुछ ऐसा है गंगानगर विधानसभा का इतिहास

Ganganagar Assembly Seat: राजस्थान की गंगानगर विधानसभा पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों पिछले 10 सालों से चुनाव नहीं जीत पाई हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले गंगानगर में कांग्रेस अपने बागी उम्मीदवारों से परेशान है। वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के एक ही पूर्व नेता को अपना उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतार दिया है

अपडेटेड Oct 25, 2023 पर 5:50 PM
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गंगानगर विधानसभा से 2018 के विधानसभा चुनाव में राजकुमार गौड़ बतौर निर्दलीय उम्मीदवार विधायक चुने गए थे

Ganganagar Assembly Seat: राजस्थान का गंगानगर शहर अक्सर पेट्रोल-डीजल के दाम को लेकर सुर्खियों में रहता है। यह देश के कुछ उन चुनिंदा शेयरों में है, जहां फ्यूल के दाम सबसे अधिक रहते हैं। डीजल का दाम सबसे पहले इसी शहर में 100 रुपये के पार पहुंच गया था। फ्यूल के दाम के अलावा राजस्थान की राजनीति के हिसाब से भी यह विधानसभा सीट काफी अहम है। खास बात यह है कि पिछले 10 सालों से इस सीट पर न ही बीजेपी और न ही कांग्रेस जीत पाई है। फिलहाल इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार विधायक हैं। सत्ताधारी कांग्रेस और बीजेपी में कांटे की लड़ाई के बीच इस सीट पर मुकाबला काफी अहम होने वाला है।

गंगानगर विधानसभा का इतिहास

गंगानगर आजादी के बाद साल 1951 में विधानसभा बना और यहां पहली बार चुनाव हुए। तब से अब 15 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। इसमें से 6 बार कांग्रेस पार्टी और 2 बार भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली है। वहीं 7 बार इस सीट ने अन्य पार्टियों या निर्दलीय उम्मीदवारों को विधानसभा में भेजा है।

गंगानगर विधानसभा से अबतक हुए सभी विधायकों की सूची को आप नीचे देख सकते हैं-


पिछले चुनाव के क्या रहे थे नतीजे

गंगानगर विधानसभा से 2018 के विधानसभा चुनाव में राजकुमार गौड़ बतौर निर्दलीय उम्मीदवार विधायक चुने गए थे। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार अशोक चांडक को करीब 14,500 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की थी। वहीं बीजेपी इस सीट पर तीसरे स्थान पर रही थी। वहीं 2013 में विधायक रहीं कामिनी जिंदल को मतदाताओं ने इस चुनाव में सिरे से खारिज कर दिया और वह करीब 4,887 वोट पाकर छठवें स्थान पर रहीं थीं। कामिनी जिंदल ने जमींदारा पार्टी के टिकट पर 2013 में चुनाव जीता था।

इस बार के क्या है समीकरण?

बीजेपी ने पहली सूची में ही गंगानगर से उम्मीदवार का नाम ऐलान कर दिया है। पार्टी ने जयदीप बिहाणी को टिकट दिया है। बिहाणी पहले कांग्रेस में थे। हालांकि 2018 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर वह कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा था। बिहारी को पिछले विधानसभा चुनाव में 29,206 वोट मिला था और महज कुछ सौ वोटों के फासले से बीजेपी उम्मीदवार से पिछड़कर चौथे स्थान पर रहे थे। बिहाणी ने कोराना काल के दौरान इलाके में काफी समाजसेवा की थी। माना जा रहा है बीजेपी इसे ही देखते हुए उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है।

इधर कांग्रेस ने अभी अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है और इसके पीछे कई पेंच है। दरअसल श्रींगगानगर से मौजूदा निर्दलीय विधायक राजकुमार गौड़ भी कांग्रेस के बागी उम्मीदवार है। विधायक बनने के तुरंत बाद ही वह अशोक गहलोत के आवास पर पहुंचे थे और तबसे अबतक लगातार सरकार को समर्थन दिए हैं। गौड़ को गहलोत के गुट का नेता माना जाता है।

वहीं पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार रहे अशोक चांडक को सचिन पायलट के गुट का नेता माना जाता है। चांडक इस बार भी टिकट के लिए दावेदारी ठोंक रहे हैं। ऐसे में देखना होगा कि किसका पलड़ा भारी रहता है। इतना साफ है कि इस बार की गंगानगर विधानसभा चुनाव की लड़ाई काफी दिलचस्प रहने वाली है।

25 को मतदान, 3 दिसंबर को गिनती

चुनाव आयोग ने राजस्थान में चुनाव की तारीख 23 नवंबर से बदलकर 25 नवंबर कर दी है। वहीं वोटों की गिनती 3 दिसंबर को की जाएगी। राज्य में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और BJP के बीच होता है। 2018 पिछले विधानसभा चुनाव में कुल 200 सीटों में कांग्रेस को 99 और बीजेपी को 73 सीटों पर जीत मिलीं थीं। इसके बाद बसपा और कुछ निर्दलीय विधायकों के समर्थन से अशोक गहलोत ने 17 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

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