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Telangana Election 2023 : अलग राज्य बनने के 9 साल बाद भी राजनीतिक दलों में इसका श्रेय लेने की होड़

हाल में महबूबनगर में पालामुरु की रैली में राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि तेलंगाना को राज्य का दर्जा दिलाने से जुड़े आंदोलन में वह इस जिले के हर कोने तक गए थे। उनका मकसद लोगों की स्थिति को करीब से समझना था। उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो राज्य को बड़ा नुकसान होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 25, 2023 पर 6:19 PM
Telangana Election 2023 : अलग राज्य बनने के 9 साल बाद भी राजनीतिक दलों में इसका श्रेय लेने की होड़
राव ने सिद्दीपेट में कहा कि जो लोग तेलंगाना को राज्य बनाए जाने के खिलाफ थे, उन्होंने बीआरएस के उम्मीदवारों को हराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए। उन्होंने कहा कि तेलंगाना आंदोलन की सफलता में सिद्दीपेट की बड़ी भूमिका है।

तेलंगाना (Telangana Assembly Elections) करीब 9 साल पहले राज्य बना था। विधानसभा चुनावों को देखते हुए एक बार फिर से राजनीतिक दलों के बीच इसका श्रेय लेने की कोशिश शुरू हो गई है। हाल में महबूबनगर में पालामुरु की रैली में राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि तेलंगाना को राज्य का दर्जा दिलाने से जुड़े आंदोलन में वह इस जिले के हर कोने तक गए थे। उनका मकसद लोगों की स्थिति को करीब से समझना था। उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो राज्य को बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने राज्य के दर्जा के लिए जयशंकर सहित कई नेताओं की कुर्बानियां जनता को याद दिलाई। उन्होंने कहा कि महबूबनगर सूखे और भूख की वजह से बदहाल था। कृष्णा नदी के इस जिले से गुजरने के बावजूद आंध्र प्रदेश में सत्ता में बैठे लोग राजनीति करते थे। इससे तेलंगाना को नुकसान उठाना पड़ता था।

BRS के लिए तेलंगाना आंदोलन सक्सेस फॉर्मूला

राव ने सिद्दीपेट में कहा कि जो लोग तेलंगाना को राज्य बनाए जाने के खिलाफ थे, उन्होंने बीआरएस के उम्मीदवारों को हराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए। उन्होंने कहा कि तेलंगाना आंदोलन की सफलता में सिद्दीपेट की बड़ी भूमिका है। उधर, पॉलिटिकल एनालिस्ट गौरी शंकर ने इंडिया टुडे को बताया कि तेलंगाना आंदोलन टीआरएस (अब बीआरएस) के लिए सफलता के फॉर्मूले की तरह रहा है। राज्य में विधानसभा चुनावों के ऐलान के साथ ही कांग्रेस ने तेलंगाना के राज्य के दर्जे का श्रेय लेने की कोशिश शुरू कर दी थी। उसने इसे चुनाव प्रचार का मुद्दा बना लिया। पिछले महीने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक रैली में कहा था कि कांग्रेस ने तेलंगाना को अलग राज्य का दर्जा दिलाने के लिए कड़ी मेहनत की है।

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