गली-चौबारे को रोशनी से जगमग करने वाली दिवाली की तारीख बेहद नजदीक आ गई है। दिवाली के इस मौके पर लोग अपने घरों को दीयों, लाइट्स से सजाते हैं। अगर आप भी घर को सजाना चाहते हैं, तो बाजार में इन दिनों वॉटर दीये और फैंसी लाइट्स की भरमार है। बाजार में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। बिहार की राजधानी पटना के ज्यादातर बाजार वॉटर दीयों से भरे पड़े हैं। खरीदने वालों की लाइन लगी हुई है। वैसे भी दिवाली का हिंदू धर्म में काफी महत्व है। यह हिंदू धर्म के बड़े त्योहारों में से एक है। दिवाली का यह उत्सव 5 दिन तक चलता है।
दिवाली के दिन हर घर दीये जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। शास्त्रों में मिट्टी के दीपक को तेज, शौर्य और पराक्रम का प्रतीक माना गया है। जब भगवान श्रीराम चौदह साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। तब अयोध्या वासियों ने मिट्टी के दीये जलाकर उनका स्वागत किया था। दिवाली पर मिट्टी के दीपक जलाने के पीछे धार्मिक महत्व भी है।
बाजार में फैंसी दीयों की भरमार
दरअसल, पटना के बाजार में मिट्टी के दीयों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक झालरों की खूब बिक्री हो रही है। इस बीच बाजार में एक नए किस्म की डिमांड हो रही है। यह पानी वाला दीया है। इसे जलाने के लिए तेल बत्ती की बजाय पानी की जरूरत होती है। दुकानदारों का कहना है कि नया आइटम होने की वजह से इसकी मांग बाजार में ज्यादा है। प्लास्टिक से बने दीये में पानी का उपयोग कर जलाया जाता है। बाजारों में इलेक्ट्रिक पटाखा लाइट की भी भरमार है। जिसे प्लग में लगाकर रिमोट से चालू करते ही पटाखों की आवाज आती है। वॉटर प्रूफ लाइट्स की डिमांड भी खूब बढ़ी है। इसके अलावा फैंसी लाइट, जैसे झरना लाइट, दीया की भी बिक्री हो रही है।
बाजार में कैसे खरीदें स्मार्ट लाइट
मार्केट में कई तरह की लाइट्स मिल जाती हैं। लेकिन आपको वही लाइट खरीदनी हैं जो ब्रांडेड हों। यह थोड़ी महंगी जरूर आएंगी, लेकिन इनमें कोई दिक्कत नहीं आएगी। इस तरह की लाइट बिजली की भी कम खपत करती हैं। अगर आप कुछ पैसा बचाने के लिए कोई घटिया क्वालिटी की लाइट खरीद लेते हैं तो दिवाली का पूरा मजा किरकिरा हो सकता है।