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Maha Kumbh 2025: महाकुंभ के बीच इतने दिन प्रयागराज रहेगा 'नो व्हीकल जोन', 5 लाख गाड़ियों के लिए 102 पार्किंग तैयार

Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में 13 जनवरी से लगने वाले महाकुंभ-2025 के भव्य-सुरक्षित और सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने आ रहे 45 करोड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा योगी सरकार की प्राथमिकता में है। संगम की सुरक्षा और निगरानी के लिए बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है

Akhileshअपडेटेड Jan 09, 2025 पर 1:23 PM
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ के बीच इतने दिन प्रयागराज रहेगा 'नो व्हीकल जोन', 5 लाख गाड़ियों के लिए 102 पार्किंग तैयार
Prayagraj Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है

Prayagraj Maha Kumbh 2025: प्रयागराज पुलिस ने महाकुंभ के दौरान मुख्य स्नान के दिनों में श्रद्धालुओं के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। महाकुंभ मेला पुलिस ने पांच दिनों के लिए 'नो व्हीकल जोन' लागू करने का फैसला किया है। यह विशेष रूप से संगम की ओर जाने वाली सड़कों और पार्किंग स्थलों से संगम तक के मार्गों पर लागू होता है। इसके अनुसार ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं। न्यूज 18 के मुताबिक, महाकुंभ के दौरान 29 जनवरी को होने वाले मौनी अमावस्या के पवित्र स्नान पर पांच दिनों तक शहर और मेला क्षेत्र 'नो व्हीकल जोन' रहेगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 27 जनवरी से लेकर 31 जनवरी तक शहर और मेला क्षेत्र में वाहन नहीं जा सकेंगे। दूसरे शहरों से आने वाले गाड़ियों को शहर के बाहर बनाए गए पार्किंग स्थलों पर ही रोक दिया जाएगा। पार्किंग स्थलों से शटल बसों से श्रद्धालु मेला एवं शहर पहुंच सकेंगे। रोडवेज बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से आने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट गेट होंगे।

अतिरिक्त महानिदेशक (प्रयागराज जोन) भानु भास्कर ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "मेला पुलिस जिले के सात अलग-अलग हिस्सों से संगम की ओर जाने वाले पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देगी। लगभग 1900 हेक्टेयर में फैले कुल 102 पार्किंग स्लॉट बनाए गए हैं, जिनमें लगभग पांच लाख वाहनों को रखा जा सकता है। इसके अलावा, कुल 84 होल्डिंग एरिया होंगे, जिनमें सिटी (45), ट्रांस-गंगा (18) और ट्रांस-यमुना (21) शामिल हैं। इसके अलावा, भक्तों के लिए सभी प्रकार की सुविधाओं वाले कुल 24 सैटेलाइट पार्किंग स्पॉट होंगे।"

एडीजी ने कहा, "मेला परिसर में और उसके आसपास ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए 1,400 से अधिक यातायात पुलिस कर्मियों को लगाया गया है। परेड, झूंसी और अरैल क्षेत्रों के लिए एक अलग ट्रैफिक प्लान होगी।" एडीजी ने यह स्पष्ट किया कि पवित्र स्नान करने के लिए संगम में आने वाले भक्त संगम की ओर जाने के लिए काली सड़क का अनुसरण करेंगे। जबकि त्रिवेणी मार्ग से वापस लौटेंगे। इस बार मेला पुलिस अधिकारियों ने नवल राय रूट्स पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया है। साथ ही लाल सड़क को प्रशासनिक कार्यों के लिए रिजर्व रखा जाएगा।

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