Get App

Margashirsha Amavasya 2024: 30 नवंबर को है अमावस्या, गंगा स्नान से मिलेगा पुण्य, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

Margashirsha Amavasya 2024 Shubh Muhurat: मार्गशीर्ष अमावस्‍या इस बार 30 नवंबर 2024 दिन शनिवार को मनाई जाएगी। यह साल की आखिरी शनिश्‍चरी अमावस्‍या तिथि है। मार्गशीर्ष अमावस्‍या के दिन भगवान विष्‍णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन गंगा स्‍नान करने से पुण्य मिलता है

Jitendra Singhअपडेटेड Nov 28, 2024 पर 3:06 PM
Margashirsha Amavasya 2024: 30 नवंबर को है अमावस्या, गंगा स्नान से मिलेगा पुण्य, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व
Margashirsha Amavasya 2024 Shubh Muhurat: मार्गशीर्ष अमावस्या को भी पितृ पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

मार्गशीर्ष मास को हिंदू धर्म में एक पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने में आने वाली मार्गशीर्ष अमावस्या का विशेष महत्व होता है। बाकी अमावस्याओं की तरह मार्गशीर्ष अमावस्या को भी पितृ पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन स्नान, दान, हवन और पितरों का श्राद्ध किया जाता है। उन्हें तर्पण दिया जाता है। इस बार अमावस्या 30 नवंबर 2024 को है। मार्गशीर्ष मास भगवान विष्‍णु का सबसे प्रिय महीना होता है। मार्गशीर्ष अमावस्‍या पर उनकी विधि विधान से पूजा करने पर आपके सभी रुके हुअ कार्य पूरे हो जाएंगे। इस दिन पवित्र नदी या गंगा नही में स्‍नान करने और दान पुण्‍य करने का खास महत्‍व है।

पंडित भलेराम शर्मा भारद्वाज का कहना है कि मार्गशीर्ष माह की अमावस्या 30 नवंबर, 2024 शनिवार को सुबह 10.29 बजे से शुरू हो जाएगी। यह अगले दिन 1 दिसंबर 2024 को सुबह 11.50 बजे तक रहेगी। शनिवार के दिन पड़ने की वजह से इस अमावस्या को शनि अमावस्या कहा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु, शिवजी, और माता गंगा की पूजा करने से विशेष फल मिलता है।

मार्गशीर्ष अमावस्या का महत्व

अमावस्या हिंदू चंद्र कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण दिन है। यह वह दिन होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाते हैं। जिसके कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देता है। अमावस्या हर महीने आती है और इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है। अमावस्या को पितरों को श्रद्धांजलि देने का दिन माना जाता है। इस दिन पितृ दोष से मुक्ति के लिए तर्पण, पिंडदान आदि किए जाते हैं। मान्यताओं के मुताबिक, अमावस्या के दिन शनिदेव की पूजा करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है। कई लोग अमावस्या के दिन व्रत भी रखते हैं। इसके अलावा, अमावस्या के दिन शनिदेव की पूजा का भी विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इससे शनि के बुरे प्रभाव से मुक्ति मिलती है। शनिवार के दिन अमावस्‍या होने से इसका महत्‍व और बढ़ जाता है। इस दिन दान पुण्‍य करने से आपको शनि की दशा में भी लाभ मिलता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें