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Tata Steel ने इस 'पाखंड' पर दी सफाई, सीईओ ने बताई ये वजह

Tata Group News: टाटा ग्रुप की स्टील कंपनी टाटा स्टील (Tata Steel) ने अपने ऊपर लगे पाखंड के आरोपों पर सफाई दी है। टाटा स्टील ने 10 जनवरी को वेल्स के पोर्ट टालबोट स्टीलवर्क्स में दो ब्लास्ट भट्ठियों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने का ऐलान किया था। इस ऐलान का असर 2800 नौकरियों पर पड़ने का अनुमान है। इस ऐलान के बाद कंपनी पर हिपाक्रिसी यानी पाखंड का आरोप लगा था

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jan 26, 2024 पर 5:36 PM
Tata Steel ने इस 'पाखंड' पर दी सफाई, सीईओ ने बताई ये वजह
Tata Steel के सीईओ ने कहा कि भारत और ब्रिटेन में स्थितियां अलग-अलग हैं और कंपनी ने कहीं भी यह नहीं कहा है कि ब्लास्ट फर्नेस का निर्माण बंद कर दिया जाएगा।

Tata Group News: टाटा ग्रुप की स्टील कंपनी टाटा स्टील (Tata Steel) ने अपने ऊपर लगे पाखंड के आरोपों पर सफाई दी है। टाटा स्टील ने 10 जनवरी को वेल्स के पोर्ट टालबोट स्टीलवर्क्स में दो ब्लास्ट भट्ठियों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने का ऐलान किया था। इस ऐलान का असर 2800 नौकरियों पर पड़ने का अनुमान है। इस ऐलान के बाद कंपनी पर हिपाक्रिसी यानी पाखंड का आरोप लगा था। अब इसे लेकर कंपनी के सीईओ टीवी नरेंद्रन से बातचीत में कहा कि यूनाइटेड किंगडम (UK) में ब्लास्ट भट्ठियों को बंद करना और इलेक्ट्रिक भट्ठियों की तरफ टाटा स्टील की स्ट्रैटेजी देश के नेट जीरो के लक्ष्य के अनुरुप ही है।

क्यों लगा पाखंड का आरोप

ब्रिटिश न्यूजपेपर द गॉर्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक टाटा स्टील पर घोर पाखंड का आरोप लगाया जा रहा है। इसकी वजह ये है कि एक तरफ कंपनी भारत में ब्लास्ट भट्ठी खोलने की तैयारी कर रही है। वहीं दूसरी तरफ वेल्स में भट्ठियों को बंद करने के लिए कार्बन उत्सर्जन में कटौती का हवाला दिया गया था, जिससे हजारों नौकरियां चली गईं।

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