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Adani Enterprises News: अदाणी ग्रुप की एक और कंपनी लाएगी QIP, लेकिन यहां फंसा है पेच

Adani Group News: जुलाई महीने में अदाणी ग्रुप की एक कंपनी ने क्यूआईपी लाया था जिसे इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स का तगड़ा रिस्पांस मिला था। अब इसकी फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज भी क्यूआईपी लाने वाली है। 16 हजार करोड़ रुपये के QIP के लिए इसे बोर्ड की पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि कंपनी का कहना है कि अगर यह हुआ, तभी क्यूआईपी आएगा

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 09, 2024 पर 2:52 PM
Adani Enterprises News: अदाणी ग्रुप की एक और कंपनी लाएगी QIP, लेकिन यहां फंसा है पेच
Adani Group News: अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) 16 हजार करोड़ रुपये का QIP (क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) ला रही है।

Adani Group News: अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) 16 हजार करोड़ रुपये का QIP (क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) ला रही है। इसके लिए यह अबूधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे खाड़ी के सोवरेन वेल्थ फंडों के साथ-साथ राजीव जैन की जीक्यूजी समेत कई निवेशकों से बातचीत कर रही है। यह इश्यू इस महीने के आखिरी तक आ सकता है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। जानकारी के मुताबिक यह इश्यू तभी खुलेगा, जब निवेशक इसमें पैसे डालने के लिए तैयार दिखेंगे।

क्यूआईपी के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर के साथ-साथ अदाणी एंटरप्राइजेज अपना और अपनी सब्सिडियरीज का कर्ज चुकाने में करेगी। अदाणी एंटरप्राइजेज एयरपोर्ट्स, माइनिंग, इंफ्रा, डेटा सेंटर्स और ग्रीन हाइड्रोजन बिजनेस संभालती है। 28 मई को इसके बोर्ड ने क्यूआईपी के जरिए 16 हजार करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दी थी।

NCD के जरिए Adani Enterprises पहले ही जुटा चुकी है ₹800 करोड़

पिछले महीने अदाणी एंटरप्राइजेज ने रिटेल एनसीडी मार्केट में पहली बार एंट्री की थी और रिटेल निवेशकों से 800 करोड़ रुपये जुटाए। इस एनसीडी (नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर) का टेन्योर दो से पांच साल का है और इस पर 9.25 फीसदी से 9.90 फीसदी का सालाना यील्ड ऑफर किया गया था। पहले ही दिन यह पूरा सब्सक्राइब हो गया था। 5 सितंबर को मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि अदाणी ग्रुप की योजना 3-4 साल में एनसीडी के जरिए खुदरा निवेशकों से 30 हजार-40 हजार करोड़ रुपये जुटाने की है। इससे एक फायदा ये भी होगा कि फंड के स्रोत डाईवर्सिफाई होंगे और रिस्क कम होगा।

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