Adani Group vs Hindenburg : अडानी ग्रुप ने हिंडेनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) की रिपोर्ट पर रविवार, 29 जनवरी को विस्तार से पलटवार किया। अडानी ग्रुप ने कहा कि उसने सभी स्थानीय कानूनों का पालन किया और जरूरी रेगुलेटरी डिस्क्लोजर किए हैं। हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट के चलते ग्रुप की वैल्यूएशन लगभग 48 अरब डॉलर कम हो गई है। एशिया के सबसे अमीर शख्स और भारतीय अरबपति गौतम अडानी (Gautam Adani) ने कहा कि पिछले हफ्ते की हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट का इरादा प्रमाणों का उल्लेख किए बिना अमेरिका बेस्ड शॉर्ट सेलर (short seller) को प्रॉफिट बुक करने में सक्षम बनाना था।
रिच लिस्ट में सातवें पायदान पर खिसके अडानी
60 वर्षीय अडानी के लिए, स्टॉक मार्केट में आई हाल की मंदी तगड़ा झटका रही है। गौतम अडानी की वेल्थ हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ी है और वह दुनिया के तीसरे सबसे अमीर शख्स बन गए। हालांकि हाल की गिरावट के बाद वह फोर्ब्स की रिच लिस्ट में सातवें पायदान पर खिसक गए हैं।
अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेस (Adani Enterprises) ने हाल में शेयर सेल के लिए 2.5 अरब डॉलर का एफपीओ पेश किया है।
अडानी ने कहा-भारतीय कानूनों का पालन किया
रविवार को 413 पेज की प्रतिक्रिया में अडानी ने कहा, “हमने जो भी ट्रांजेक्शन किए हैं, वे भारतीय कानूनों और अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के तहत खरे उतरते हैं।” इसमें कहा गया कि यह मुख्य रूप से हितों का टकराव है और शॉर्ट सेलर हिंडेनबर्ग का इरादा केवल अनगिनत निवेशकों की कीमत पर गलत तरीके से भारी प्रॉफिट बुक करने के लिए सिक्योरिटीज में एक झूठ फैलाने का रहा है। अडानी की रविवार की प्रतिक्रिया पर हिंडेनबर्ग ने तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
हिंडेनबर्ग ने किए भ्रामक दावे
हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट में सवाल किया गया था कि कैसे अडानी ग्रुप ने मॉरीशस और कैरेबियाई द्वीपों जैसे टैक्स हेवन में ऑफशोर एंटिटीज का उपयोग किया है, जिसमें कहा गया है कि अडानी की लिस्टेड कंपनियों में कुछ ऑफशोर फंड और शेल कंपनियां “गुप्त रूप से” अपना स्टॉक रखती हैं। अडानी ने कहा कि रिसर्च रिपोर्ट में बिना किसी सबूत के “ऑफशोर एंटिटीज के बारे में भ्रामक दावे” किए गए हैं।
शेयर गिरवी रखना एक सामान्य प्रक्रिया
अपने प्रमोटर्स या प्रमुख शेयरहोल्डर्स की शेयरों की गिरवी रखने की प्रैक्टिस का बचाव करते हुए अडानी ग्रुप ने कहा कि शेयरों को गिरवी रखकर फाइनेंस जुटाना दुनिया भर में सामान्य प्रक्रिया है। ग्रुप ने कहा कि भारत में एक मजबूत डिसक्लोजर सिस्टम है और उसके प्रमोटर्स का पोर्टफोलियो कंपनियों में गिरवी शेयरों का आंकड़ा दिसंबर, 2022 में घटकर 20 फीसदी रह गया है जो मार्च, 2020 में 50 फीसदी के स्तर पर था।
रविवार को एक अलग बयान में अडानी ग्रुप के सीएफओ जुगशिंदर सिंह (Jugeshinder Singh) ने कहा कि उनका ध्यान शेयर सेल पर है और उन्हें भरोसा है कि यह सफल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके एंकर इनवेस्टर्स ने ग्रुप में भरोसा जताया है और कंपनी में बने रहने का फैसला किया है।