बाजार नियामक सेबी (SEBI) पिछले एक साल से अडानी ग्रुप (Adani Group) के सभी सौदों की जांच कर रहा है। अब यह हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट की भी स्टडी करेगा। अमेरिकी निवेशक हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) ने कुछ दिनों पहले जारी एक रिपोर्ट में अडानी ग्रुप की कंपनियों में स्टॉक मैनिपुलेशन और अकाउंटिंग फ्रॉड का आरोप लगाया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दो सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सेबी अभी तक अडानी ग्रुप के विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की जांच कर रहा था लेकिन अब हिंडनबर्ग की रिपोर्ट की भी स्टडी करेगा। सेबी के प्रवक्ता ने इसे लेकर कहा कि कंपनी से जुड़े मामलों और चल रही जांच पर कोई चर्चा नहीं कर सकते हैं। वहीं अडानी ग्रुप से कोई प्रतिक्रिया नहीं प्राप्त हुई है।
Adani Group के सौदों की SEBI पहले से ही कर रहा जांच
अडानी ग्रुप ने लिस्टेड स्पेस में जो भी सौदे किए हैं, सेबी उन सभी की जांच तेजी से कर रहा है। अडानी ग्रुप ने घरेलू मार्केट में लिस्टेड अंबुजा सीमेंट्स (Ambuja Cements) और एसीसी (ACC) में से स्विटजरलैंड की होल्सिम (Holcim) की हिस्सेदारी खरीद ली है। सूत्रों के मुताबिक सेबी ने इस सौदे में इस्तेमाल होने वाले ऑफशोर स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) की जांच की है। इस एसपीवी के बारे में अडानी ग्रुप ने पिछले साल मई 2022 में अधिग्रहण के ऐलान के समय ही कर दिया था। सेबी ने पाया है कि इस सौदे की फंडिंग में 17 विदेशी एंटिटीज शामिल हैं।
जब सौदे के लिए रेगुलटरी क्लियरेंस के लिए अडानी ग्रुप सेबी के पास पहुंचा तो इन सभी एंटिटीज पर सेबी ने स्पष्टीकरण मांगा। अडानी ग्रुप ने इस पर जो जवाब दिया है, उसकी सेबी अभी जांच ही कर रही है। पिछले साल जुलाई में रेगुलेटर ने मॉरीशस के फंड्स की भी जांच शुरू की जिसकी अडानी ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों में बड़ी होल्डिंग्स थी और इस बात की चिंता जताई गई थी कि यह शेयरों के भाव को मैनिपुलेट कर सकती है।
अब हिंडनबर्ग के रिपोर्ट की भी क्यों जांच करेगा सेबी
बुधवार 25 जनवरी को अमेरिकी निवेशक हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप की कंपनियों को शॉर्ट करने की जानकारी दी थी। हिंडनबर्ग ने टैक्स हैवेन देशों के गलत इस्तेमाल और ऊंचे कर्ज के चलते यह इसकी शॉर्ट पोजिशन ली है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में विदेशी फंडों से पैसों के लेन-देन को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जिसके चलते सेबी का ध्यान इस रिपोर्ट पर गया और वह इसकी जांच करेगा। अडानी ग्रुप हिंडनबर्ग के रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज करते हुए कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी कर रहा है।