हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) ने गुरुवार 26 जनवरी को कहा कि अगर अडानी ग्रुप (Adani Group) उसकी रिपोर्ट को लेकर अमेरिकी में उसके खिलाफ मुकदमा दायर करता है, तो वह कानूनी खोज की प्रक्रिया के तौर पर कंपनी से दस्तावेजों की मांग करेगा। हिंडनबर्ग रिसर्च ने कहा, "हम अपनी रिपोर्ट पर पूरी तरह से कायम हैं, हमारे खिलाफ कोई भी कार्रवाई बेकार होगी।" इससे पहले भारतीय शेयर बाजारों भेजे एक बयान में अडानी ग्रुप के लीगल हेड जतिन जलुंधवाला ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट को "गलत इरादे से बिना कोई शोध और पूरी जानकारी के प्रकाशित रिपोर्ट" बताया था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अडानी ग्रुप, हिंडनबर्ग रिसर्च के खिलाफ ‘दंडात्मक कार्रवाई’ को लेकर कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है।
दरअसल, अमेरिकी फाइनेंशियल रिसर्च फर्म Hindenburg Research ने एक दिन पहले प्रकाशित रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर ‘खुल्लम-खुल्ला शेयरों में गड़बड़ी करने और अकाउंटिंग फ्रॉड’ में शामिल होने का आरोप लगाया था। हिंडनबर्ग की इस रिपोर्ट के बाद पोर्ट से लेकर सीमेंट तक के कारोबार में मौजूद अडानी ग्रुप की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई।
पीटीाई की एक रिपोर्ट के मुताहिक जतिन जलुंधवाला ने कहा, "हिंडनबर्ग रिसर्च ने गलत इरादे से बिना किसी रिसर्च और पूरी जानकारी के ग्रुप के खिलाफ 24 जनवरी, 2023 को रिपोर्ट प्रकाशित की। इससे अडानी ग्रुप, हमारे शेयरधारकों और निवेशकों पर विपरीत असर पड़ा है। भारतीय शेयर बाजार में रिपोर्ट के जरिए जो उतार-चढ़ाव आया, वह काफी चिंता की बात है।"
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट और उसकी निराधार बातें सिर्फ अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों को नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार की गई थीं।
जलुंधवाला ने कहा, "एक विदेशी कंपनी ने जानबूझकर और बिना सोचे-विचारे निवेशक समुदाय और आम लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया है। उसने अडानी ग्रुप, उसके लीडरशिप की साख पर बट्टा लगाने के साथ हमारी प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के FPO (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) की बिक्री को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। हम उसकी इन हरकतों से काफी परेशान हैं।"
उन्होंने कहा, "हम हिंडनबर्ग रिसर्च के खिलाफ अमेरिकी और भारतीय कानून के तहत निपटने और दंडात्मक कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।" हालांकि ग्रुप ने यह साफ नहीं किया कि क्या वह कंपनी के खिलाफ मुकदमा करने की योजना बना रही है।