Adani Group फिर करेगा पलटवार! जानिए कब Hindenburg के एक-एक आरोप पर विस्तार से देगा जवाब

Adani Group vs Hindenburg : अडानी ग्रुप अपने FPO बिक्री पूरी होने के बाद हिंडेनबर्ग रिसर्च के आरोपों पर विस्तार से प्रतिक्रिया जारी करेगी। इससे पहले अडानी ग्रुप के एग्जीक्यूटिव्स के साथ एक कॉन्फ्रेंस कॉल में शामिल रहे बॉन्डहोल्डर्स के मुताबिक, गौतम अडानी की ओनरशिप वाले ग्रुप ने कहा था कि वह शुक्रवार को विस्तार से आरोपों का खंडन करेगा। हालांकि, उसकी प्रतिक्रिया उम्मीद के अनुरूप नहीं रही

अपडेटेड Jan 29, 2023 पर 8:48 AM
Adani Group : हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद पोर्ट से लेकर सीमेंट तक के कारोबार में मौजूद अडानी ग्रुप की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई थी

Adani Group reply on Hindenburg report : अडानी ग्रुप अपने नए शेयरों की बिक्री पूरी होने के बाद अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडेनबर्ग रिसर्च के आरोपों पर विस्तार से प्रतिक्रिया जारी करेगा। इस शेयर सेल के 31 जनवरी को पूरा होने का अनुमान है। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के हवाले से यह खबर सामने आई है। अडानी ग्रुप के एग्जीक्यूटिव्स के साथ एक कॉन्फ्रेंस कॉल में शामिल रहे बॉन्डहोल्डर्स के मुताबिक, एशिया के सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी (Gautam Adani) की ओनरशिप वाले ग्रुप ने कहा था कि वह शुक्रवार को विस्तार से आरोपों का खंडन करेगा। हालांकि, उसके द्वारा दिए गए जवाबों में प्रतिक्रिया उम्मीद के अनुरूप नहीं रही।

तैयार की 100 से ज्यादा पन्नों की प्रतिक्रिया

सूत्रों ने कहा कि ग्रुप ने 100 से ज्यादा पन्नों की एक प्रतिक्रिया तैयार की है और इसे कब जारी करना है, इस पर कानूनी सलाह ले रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसा 31 जनवरी से पहले नहीं होगा। इस संबंध में अडानी ग्रुप के एक प्रतिनिधि ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।


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दरअसल, अमेरिकी फाइनेंशियल रिसर्च फर्म Hindenburg Research ने अडानी एंटरप्राइजेस का एफपीओ खुलने से ठीक पहले एक रिपोर्ट के जरिये अडानी ग्रुप पर ‘खुल्लम-खुल्ला शेयरों में गड़बड़ी करने और अकाउंटिंग फ्रॉड’ में शामिल होने का आरोप लगाया था।

दो दिन में 50 अरब डॉलर कम हुई मार्केट वैल्यू

हिंडनबर्ग की इस रिपोर्ट के बाद पोर्ट से लेकर सीमेंट तक के कारोबार में मौजूद अडानी ग्रुप की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। Hindenburg ने कहा था कि वह यूएस ट्रेडे बॉन्ड्स और नॉन इंडियन ट्रेडेड डेरिवेटिव्स के जरिये अडानी ग्रुप के शेयरों को शॉर्ट कर रही है।

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इसके बाद दो सत्रों में ही ग्रुप की मार्केट वैल्यू 50 अरब डॉलर कम हो गई है और खुद अडानी को 20 अरब डॉलर का झटका। ब्लूमबर्ग बिलेनायर इंडेक्स के मुताबिक, उनकी दौलत लगभग 20 फीसदी कम हो गई।

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