अदाणी ग्रुप (Adani Power) की कंपनी अदाणी पावर ने कहा कि वह बांग्लादेश को बिजली की सप्लाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने आज गुरुवार को यह बात कही। अदाणी पावर ने कहा कि बिजली निर्यात नियमों में हाल ही में किए गए बदलावों से उसके मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी के शेयरों में 14 अगस्त को 2.21 फीसदी की गिरावट आई है और यह स्टॉक BSE पर 673.95 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 2.59 लाख करोड़ रुपये है।
अदाणी पावर ने एक बयान में कहा कि सरकार द्वारा किया गया बदलाव भारतीय ग्रिड से कनेक्टिविटी की सुविधा प्रदान करता है, लेकिन भारत पर बिजली खरीदने के लिए कोई बाध्यता नहीं डालता है। अदाणी पावर ने कहा, "अदाणी पावर बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड की डिमांड शेड्यूल और पावर परचेज एग्रीमेंट के प्रोविजन के अनुसार कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और आपस मे पूर्ति जारी रखने की उम्मीद करेगी।" झारखंड राज्य में अदाणी पावर का 1600 मेगावाट का गोड्डा प्लांट भारत का एकमात्र ऐसा प्लांट है, जो अपनी 100% बिजली पड़ोसी देश को निर्यात करने के कॉन्ट्रैक्ट के तहत है।
यह बदलाव जो "विशेष रूप से पड़ोसी देश को" बिजली की सप्लाई करने वाले जनरेटर को नियंत्रित करता है, अदाणी को बांग्लादेश में राजनीतिक जोखिमों से बचाव के लिए घरेलू बाजार में भी बिजली की सप्लाई करने में सक्षम बनाता है। यह बदलाव, लंबे समय से प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना के सरकारी नौकरियों में आरक्षण के विरोध में हुए घातक विरोध प्रदर्शनों के कारण बांग्लादेश से पलायन के लगभग एक हफ्ते बाद आया है, और इससे भविष्य की बिजली परियोजनाओं को लाभ हो सकता है, जहां सभी उत्पादन एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स में बंद हैं।