दुनिया में राजनीति, फाइनेंस, उद्योग, विज्ञान सहित कई क्षेत्रों में भारतीय मूल के लोगों की धाक बढ़ रही है। इस कड़ी में नया नाम अजय बंगा (Ajay Banga) का है। अब तक उनकी पहचान प्राइवेट फाइनेंस की दुनिया तक सीमित थी। अब वह दुनियाभर में विकास परियोजनाओं के लिए फंड उपलब्ध कराने वाले वर्ल्ड बैंक (World Bank) का चीफ बनने जा रहे हैं। अमेरिका ने 23 फरवरी को बंगा को वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट पद के लिए अपना नॉमिनी घोषित किया है। वह मास्टरकार्ड के पूर्व सीईओ हैं। बंगा का जन्म इंडिया में हुआ था। अगर वह वर्ल्ड बैंक की कमान संभाल लेते हैं तो पहली बार इंडिया में जन्म लेने वाला कोई व्यक्ति इस बहुपक्षीय फाइनेंशियल ऑर्गेनाइजेशन का प्रेसिडेंट बनेगा।
इस बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया है, "इतिहास से इस अहम मौके पर वर्ल्ड बैंक का नेतृत्व करने के लिए बंगा सही व्यक्ति है। उन्हें क्लाइमेट चेंज सहित हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौतियों के लिए पब्लिक-प्राइवेट संसाधन जुटाने का व्यापक अनुभव है।" अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने कहा कि दुनिया में घोर गरीबी खत्म करने के वर्ल्ड बैंक के मकसद को हासिल करने में बंगा का अनुभव काम आएगा। वह इस संस्थान के विकास में भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
भारत में जन्म लेने वाला पहला व्यक्ति नॉमिनी बना
इससे पहले भारत में जन्म लेने वाला कोई व्यक्ति वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट पद के लिए नॉमिनी नहीं बना था। अगर वह प्रेसिडेंट नियुक्त होते हैं तो वह David Malpass की जगह लेंगे। उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नियुक्त किया था। Malpass ने कुछ हफ्ते पहले जून में पद छोड़ने का ऐलान किया था।
अभी जनरल अटलांटिक के वाइस-चेयरमैन हैं बंगा
अभी बंगा प्राइवेट इक्विटी (PE) फर्म जनरल अटलांटिक के वाइस-चेयरमैन हैं। उन्हें 30 साल से ज्यादा का बिजनेस एक्सपीरियंस है। वह मास्टरकार्ड के सीईओ रह चुके हैं। इसके अलावा अमेरिकन रेड क्रॉस, क्राफ्ट फूड्स और Dow Inc सहित कई बड़ी कंपनियों और संस्थानों में सीनियर पॉजिशन पर रह चुके हैं। उन्होंने सिटीग्रुप, पेप्सिको और नेस्ले जैसी बड़ी कंपनियों में भी काम किया है।
12 साल तक मास्टरकार्ड का नेतृत्व किया
बंगा ने 12 साल तक मास्टरकार्ड का नेतृत्व किया। वह दिसंबर 2021 में इस कंपनी से रिटायर हुए। तब वह इसके सीईओ थे। बंगा के कार्यकाल में कंपनी ने बहुत महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया था। 2025 तक 1 अरब लोगों और 5 करोड़ माइक्रो एंड स्माॉल बिजनेसेज को डिजिटल इकोनॉमी के तहत लाने का टारगेट कपंनी ने रखा है।
IIM अमदाबाद सहित इन संस्थानों से पढ़ाई
वर्ल्ड बैंक के अमेरिका के नॉमिनी की पढ़ाई-लिखाई इंडिया में हुई है। बंगा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से बैचलर ऑफ आर्ट्स की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने IIM अहमदाबाद से एमबीए की डिग्री ली। यह इंडिया में मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए सबसे प्रतिष्ठित संस्थान है।
पुणे में जन्मे बंगा पद्मश्री से सम्मानित
बंगा का जन्म महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। उनका बचपन इसी शहर में बीता। हालांकि, 10 नवंबर, 1959 को जन्मे बंगा अब अमेरिका के नागरिक हैं। उनके पिता इंडियन आर्मी में रह चुके हैं। वह लेफ्टिनेंट जनरल पद से रिटायर हुए थे। भारत सरकार ने अजय बंगा को 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। इसे देश का चौथा सबसे बड़ा सिविलियन सम्मान माना जाता है।