इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लॉन्च किया टैक्स कैलकुलेटर, जानिए यह कैसे करता है मदद

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कैलकुलेर उन लोगों की दुविधा दूर करेगा जिन्हें यह तय करने में दिक्कत आ रही है कि उनके लिए इनकम टैक्स की नई रीजीम फायदेमंद है या पुरानी रीजीम। यूनियन बजट 2023 में नई रीजीम में सरकार ने कई बदलाव के ऐलान किए हैं, जिसके बाद इसका आकर्षण बढ़ गया है

अपडेटेड Feb 23, 2023 पर 6:49 PM
नई रीजीम में टैक्स रेट्स तो कम हैं, लेकिन पुरानी रीजीम की तरह डिडक्शंस और एग्जेम्प्शंस नहीं मिलते हैं।

क्या आप यह जानना चाहते हैं कि इनकम टैक्स (Income Tax) की नई और पुरानी रीजीम (Old Regime) में से कौन आपके लिए ज्यादा फायदेमंद है? दरअसल, सरकार के इनकम टैक्स की नई रीजीम को अट्रैक्टिव बना देने के बाद कई लोग यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि उनके लिए कौन सी रीजीम बेहतर है। ऐसे लोगों की मुश्किल दूर करने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने खुद एक कैलकुलेटर लॉन्च किया है। यह आपको सही फैसला लेने में मदद करेगा। इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है। यह टैक्स कैलकुलेशन के प्रोसेस को आसान बनाता है। यह इनकम टैक्स की नई और पुरानी दोनों रीजीम में आपकी टैक्सेबल इनकम और टैक्स लायबिलिटी के बीच फर्क बताता है।

इस कैलकुलेटर के लिए आपको इस लिंक पर क्लिक करना होगा। आप चाहें तो इस लिंक (https://incometaxindia.gov.in/Pages/tools/115bac-tax-calculator-finance-bill-2023.aspx) का इस्तेमाल कर भी आप इस कैलकुलेटर तक पहुंच सकते हैं। ओल्ड टैक्स रीजीम में टैक्सपेयर्स को कई तरह के डिडक्शंस और एग्जेम्प्शंस का फायदा मिलता है। नई रीजीम में टैक्स रेट्स तो कम हैं, लेकिन पुरानी रीजीम की तरह डिडक्शंस और एग्जेम्प्शंस नहीं मिलते हैं।

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नया कैलकुलेटर कैसे करता है मदद?

नया कैलकुलेटर एक साथ नई और पुरानी रीजीम में आपकी टैक्स लायबिलिटी के बीच फर्क बताता है। इससे टैक्सपेयर्स के लिए रीजीम के चुनाव का फैसला लेना आसान हो जाता है। इसके लिए यह टैक्सपेयर की इनकम, डिडक्शंस, एग्जेम्प्शंस और दूसरे संबंधित फैक्टर्स को ध्यान में रखता है।

इस महीने की 1 तारीख को पेश यूनियन बजट में सरकार नई टैक्स रीजीम का इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए भी कुछ बेनेफिट के ऐलान किए थे। इसमें 50,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन शामिल था। अभी इसका बेनेफिट सिर्फ पुरानी रीजीम का इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर्स को मिलता है। इससे नई टैक्स रीजीम के इस्तेमाल का आकर्षण बढ़ गया है।

यूनियन बजट 2023 में अगले वित्त वर्ष से 5 करोड़ रुपये से ज्यादा इनकम वाले लोगों पर लगने वाले सरचार्ज को 37 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कर दिया गया है। इससे टैक्सपेयर्स के बीच न्यू टैक्स रीजीम का आकर्षण बढ़ेगा। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ओल्ड टैक्स रीजीम को खत्म नहीं किया गया है। लेकिन, सरकार ने यह संकेत दिया है कि ओल्ड टैक्स रीजीम में धीरे-धीरे टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी खत्म हो जाएगी।

किसे न्यू टैक्स रीजीम का इस्तेमाल करना चाहिए?

यह फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि टैक्सपेयर की इनकम कितनी है, वह कितना डिडक्शंस क्लेम कर सकता है और वह नौकरी करता है या व्यापार करता है।

अगर इनकम 7 लाख रुपये तक है तो?

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87ए के तहत टैक्स रिबेट बढ़ा दिया गया है। जिन लोगों की इनकम अगले वित्त वर्ष में 7 लाख रुपये तक हो सकती है, उन्हें तो न्यू टैक्स रीजीम का इस्तेमाल करना चाहिए। सेक्शन 87ए के तहत ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी इनकम 5 लाख रुपये से कम है, उन्हें रिबेट मिलता है। यूनियन बजट 2023 में इस सेक्शन के तहत इनकम की लिमिट को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी गई है। इसलिए नई टैक्स रीजीम 7 लाख रुपये तक की इनकम वाले लोगों के लिए अच्छी है।

7 लाख रुपये से ज्यादा इनकम है तो?

अगर अगले फाइनेंशियल ईयर में आपकी इनकम 7 लाख रुपये से ज्यादा रहने वाली है तो आप डिडक्शंस और एग्जेम्प्शंस का फायदा उठाकर अपनी टैक्स लायबिलिटी घटाने की कोशिश करेंगे। अगर आप सेक्शन 80सी और ऐसे दूसरे सेक्शन के तहत मिलने वाले डिडक्शंस का लाभ नहीं उठाना चाहते हैं तो आपके लिए नई रीजीम का इस्तेमाल करना ठीक रहेगा, क्योंकि इसमें टैक्स का रेट कम है।

अगर आप सेक्शन 80सी और सेक्शन 80डी जैसे सभी सेक्शन का इस्तेमाल कर डिडक्शन क्लेम करना चाहते हैं और आपकी उम्र 60 साल से कम है तो आपके लिए ओल्ड टैक्स रीजीम ठीक रहेगी। एक कैलकुलेशन के मुताबिक ऐसा व्यक्ति जिसकी इनकम 8.25 लाख रुपये तक है, वह अगर सभी सेक्शन के तहत उपलब्ध डिडक्शंस का फायदा उठाता है तो उसके लिए ओल्ड रीजीम फायदेमंद है।

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