Cashify IPO: पुराने इलेक्ट्रॉनिक्स और गैजेट्स को खरीदने-बेचने वाला प्लेटफॉर्म Cashify जल्द ही शेयर बाजार में दस्तक देने की तैयारी कर रहा है। एमेजॉन और Prosus के निवेश वाले इस स्टार्टअप ने अपने आईपीओ के लिए ICICI सिक्योरिटीज, JM फाइनेंशियल और नोमुरा को लीड बैंकर के रूप में चुना है। कंपनी जून-जुलाई 2026 तक अपना DRHP फाइल कर सकती है और 2027 की शुरुआत में लिस्ट हो सकती है।
गुरुग्राम बेस्ड यह कंपनी अपनी लिस्टिंग के जरिए बड़ी पूंजी जुटाने की प्लानिंग में है। कंपनी ₹1,500 से ₹1,800 करोड़ के बीच फंड जुटाना चाहती है। इसमें फ्रेश इश्यू और पुराने निवेशकों द्वारा हिस्सेदारी बेचना (OFS) दोनों शामिल होंगे। बेसेमर वेंचर पार्टनर्स, ब्लूम वेंचर्स और ओलिंपस कैपिटल एशिया जैसे शुरुआती निवेशक इस दौरान अपने शेयर बेच सकते हैं।
2013 में मनदीप मनोचा, नकुल कुमार और अमित सेठी द्वारा शुरू की गई यह कंपनी पुराने गैजेट्स के मार्केट की लीडर है। यह प्लेटफॉर्म यूजर्स को पुराने स्मार्टफोन और लैपटॉप बेचने और 'रिफर्बिश्ड' यानी मरम्मत किए हुए गैजेट्स खरीदने की सुविधा देता है। इसके अलावा गैजेट रिपेयर और एक्सेसरीज से भी कंपनी अच्छी कमाई कर रही है।
कंपनी अब तक विभिन्न निवेशकों से लगभग $140 मिलियन यानी ₹1,200 करोड़ जुटा चुकी है।आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने रिटेल स्टोर्स का नेटवर्क बढ़ाने और नए शहरों के बाजारों में प्रवेश करने के लिए करेगी।
कैसा रहा है वित्तीय प्रदर्शन?
Cashify के बिजनेस और वित्तीय सेहत में पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त सुधार देखा गया है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹1,100 करोड़ था, जिसके वित्त वर्ष 2026 में 50% बढ़कर ₹1,500-1,600 करोड़ पहुंचने की उम्मीद है। कंपनी ने अपने घाटे को वित्त वर्ष 2024 के ₹53 करोड़ से घटाकर वित्त वर्ष 2025 में मात्र ₹10 करोड़ कर लिया है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 के अंत तक कंपनी ₹20-30 करोड़ के शुद्ध लाभ (PAT) के साथ मुनाफे में आ जाएगी।