अनन्या बिड़ला (Ananya Birla) की कंपनी स्वतंत्रा माइक्रोफिन (Svatantra Microfin) 1,479 करोड़ रुपये में सचिन बंसल के निवेश वाली कंपनी चैतन्या इंडिया फिन (Chaitanya India Fin) का अधिग्रहण करने जा रही है। चैतन्या इंडिया फिन, नवी ग्रुप (Navi Group) की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी है। स्वतंत्रा माइक्रोफिन ने मगंलवार 8 अगस्त को जारी एक बयान में कहा, "अभी इस ट्रांजैक्शन को पूरा करने के लिए कई नियामकीय मंजूरियां लेना बाकी है। हमें 2023 के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।" बता दें कि अनन्या बिड़ला, दिग्गज उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला की बेटी है।
इस अधिग्रहण के बाद स्वतंत्रा माइक्रोफिन भारत में दूसरी सबसे बड़ी माइक्रोफाइनेंस कंपनी बन सकती है। 31 मार्च 2023 तक के आंकड़ों के मुताबिक, ट्रांजैक्शन के पूरा होने के बाद स्वतंत्रा माइक्रोफिन की 1,517 शाखाओं के जरिए 36 लाख ग्राहकों तक पहुंच होगी, जो 20 राज्यों में फैले हुए है। वहीं इसका संयुक्त एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 12,409 करोड़ रुपये का है।
चैतन्या की स्थापना 2009 में हुई थी और इसे सचिन बंसल ने अक्टूबर 2019 में (इसकी पैरेंट कंपनी, जिसे अब नवी फिनसर्व लिमिटेड कहा जाता है) का करीब 150 करोड़ रुपये में अधिग्रहण किया था।
चैतन्या उन संस्थाओं में से एक है, जिसने अप्रैल 2021 में RBI के पास यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। लेकिन बाद में 17 मई 2022 को, केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसने 6 आवेदकों को यूनिवर्सल बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक का लाइसेंस दिए जाने के लिए उपयुक्त नहीं पाया है।
RBI ने कहा कि जिन संस्थाओं को यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया, उनमें UAE एक्सचेंज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड, रिपैट्रिएट्स कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट बैंक लिमिटेड (REPCO बैंक), चैतन्या इंडिया फिन क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड और पंकज वैश्य आदि शामिल हैं। जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड ने लेनदेन के लिए नवी के विशेष वित्तीय सलाहकार के रूप में काम किया।