Apple iPhone: दुनियाभर में मेड इन इंडिया आईफोन की धूम, 5 साल में $70 अरब तक पहुंचा प्रोडक्शन!

Apple Production: भारत में बने आईफोन की मांग पूरी दुनिया में, खासकर अमेरिका में बहुत बढ़ गई है। कुल 70 अरब डॉलर के उत्पादन में से लगभग 50 अरब डॉलर के आईफोन भारत से निर्यात किए गए हैं। यानी भारत में बने करीब 70% आईफोन विदेशों में एक्सपोर्ट किए जा रहे है

अपडेटेड Mar 16, 2026 पर 12:33 PM
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सप्लायर्स का मानना है कि FY26 में उत्पादन 25 अरब डॉलर को पार कर सकता है

Apple iPhone: टेक दिग्गज एपल भारत में अपनी जड़ों को तेजी से मजबूत कर रही है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के वेंडर्स द्वारा सरकार को दिए गए आंकड़ों से पता चला है कि वित्त वर्ष 2022 से 2026 के बीच भारत में आईफोन का कुल प्रोडक्शन 70 अरब डॉलर यानी करीब 5.8 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को छू सकता है।

वित्त वर्ष 2026 में रिकॉर्ड हुआ प्रोडक्शन

स्मार्टफोन के लिए सरकार की 'प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव' (PLI) योजना के तहत वित्त वर्ष 2026 सबसे शानदार रहने वाला है। मार्च में समाप्त होने वाले इस पांच साल के कार्यक्रम में, अकेले FY26 का योगदान कुल उत्पादन मूल्य का लगभग 36% रहने का अनुमान है। सप्लायर्स का मानना है कि FY26 में उत्पादन 25 अरब डॉलर को पार कर सकता है, जो पिछले साल (FY25) के 21 अरब डॉलर के मुकाबले 20% अधिक है।


निर्यात बना ग्रोथ का मुख्य इंजन

भारत में बने आईफोन की मांग पूरी दुनिया में, खासकर अमेरिका में बहुत बढ़ गई है। कुल 70 अरब डॉलर के उत्पादन में से लगभग 50 अरब डॉलर के आईफोन भारत से निर्यात किए गए हैं। यानी भारत में बने करीब 70% आईफोन विदेशों में एक्सपोर्ट किए जा रहे है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से दिसंबर FY26 के बीच अमेरिका को होने वाले स्मार्टफोन निर्यात में 182% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। यह आंकड़ा 5.04 अरब डॉलर से बढ़कर 14.1 अरब डॉलर पहुंच गया है।

चीन पर भारी पड़ा भारत, टैरिफ का मिला फायदा

एपल द्वारा चीन से प्रोडक्शन शिफ्ट करने के पीछे एक बड़ा कारण टैक्स नीतियां रहीं। पिछले साल अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले सामानों पर 20% टैरिफ लगाया था। चूंकि भारत को अमेरिकी बाजार में 'ड्यूटी-फ्री' एक्सेस मिला हुआ था, इसलिए एपल के लिए भारत में उत्पादन करना अधिक किफायती हो गया। हालांकि भारत में प्रोडक्शन की लागत चीन के मुकाबले 10-14% अधिक है, लेकिन टैरिफ लाभ के कारण एपल ने भारत को प्राथमिकता दी।

इन कंपनियों ने निभाई बड़ी भूमिका

एपल के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स ने भारत में अपनी क्षमता का विस्तार करने में जान झोंक दी है। फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में आईफोन असेंबली के मुख्य केंद्र बनकर उभरे हैं। पिछले 5 सालों में एपल का भारत में ग्राफ कुछ इस तरह बढ़ा है:

  • FY22: 2.5 अरब डॉलर (PLI का पहला साल)
  • FY23: 7.5 अरब डॉलर
  • FY24: 13.8 अरब डॉलर
  • FY25: 21 अरब डॉलर (अनुमानित)
  • FY26: 25 अरब डॉलर से अधिक (अनुमानित)

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में चीनी सामानों पर टैरिफ हटने के बाद अब भारत के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। अब उद्योग जगत की नजरें भारत सरकार पर हैं कि क्या वह निर्यात की इस गति को बनाए रखने के लिए PLI योजना को विस्तार देगी या नहीं।

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