फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी एवेंडुस (Avendus) की योजना 3 हजार करोड़ रुपये जुटाने की है। इसे लेकर यह अपने लेट स्टेज प्राइवेट इक्विटी फंड- फ्यूचर लीडर्स फंड के तीसरे चरण (FLF 3) को लॉन्च करेगी। इसमें 1500 करोड़ रुपये का ग्रीनशू ऑप्शन रहेगा। इस फंड का इस्तेमाल 10-12 निवेश में किया जाएगा जिसमें औसतन निवेश 200-300 करोड़ रुपये का होगा। यह निवेश फाइनेंशियल सर्विसेज, कंजम्प्शन, डिजिटल और टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और मैनुफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स में होगा। यह निवेश प्राइमरी और सेकंडरी, दोनों रूप में उन कंपनियों में होगा, जिनकी संस्थागत निवेशक हिस्सेदारी अलग-अलग है।
पहले और दूसरे फंड की डिटेल्स
एवेंडुस की निगाहें अब तीसरे फंड पर है। पहले दो फंड की बात करें तो तो इसने पहला फंड (FLF 1) निवेशकों को पूरा लौटा दिया है और यह काम तय समय से पहले हुआ है। इसमें निवेशकों को आकर्षक रिटर्न मिला है। फर्म ने हाल ही में लेंसकार्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड को अपने पहले फंड से बाहर कर दिया है। दोनों चार साल के भीतर लगभग चार गुना रिटर्न दे रहे थे। सेकंड फंड की बात करें तो इसने अब तक 11 निवेश किए हैं और बाकी जो पूंजी बची है, उसे अगले कुछ महीने में निवेश किया जाएगा।
पिछले दो फंडों के तहत एफएलएफ 1850 करोड़ रुपये से अधिक का फंड मैनेज कर रही है। इसके पोर्टफोलियो में बिकाजी फूड्स, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, लेंसकार्ट सॉल्यूशंस, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, डेल्हीवरी, वर्से इनोवेशन (डेलीहंट), एसबीआई जनरल इंश्योरेंस, लिशियस, जस्पे, जीटा, इंडीजीन, वेरिटास फाइनेंस, फर्स्टक्राई, अवांसे फाइनेंशियल सर्विसेज और एक्सप्रेसबीज जैसी कंपनियां शामिल हैं।
Avendus का क्या है लक्ष्य
एवेंडुस फ्यूचर लीडर्स फंड के एमडी रितेश चंद्र का कहना है कि एवेंडुस फ्यूचर लीडर्स फंड 3 के जरिए फाइनेंशियल फर्म का लक्ष्य एकदम सीधा है- मौजूदा फाइनेंशियल स्पांसर इकोसिस्टम में आखिरी चरणों के निजी मौकों की विशाल क्षमता का इस्तेमाल करना। रितेश चंद्रा ने कहा कि एवेंडुस का काम लिक्विडिटी के स्पष्ट रोडमैप के साथ हाई-क्वालिटी के बिजनेसेज को सपोर्ट करना है और यह इसे जारी रखेगी। एफएलएफ प्लेटफॉर्म का लक्ष्य लगातार अनुमान के हिसाब से बेहतर नतीजे देने हैं और बार-बार बेहतर नतीजे मिले जिसमें पोर्टफोलियो में वोलैटिलिटी कम हो।