NBFC कंपनी बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) बड़े पैमाने पर फंड जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी द्वारा QIP या/और प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए 80 करोड़ डॉलर से 1 अरब डॉलर तक का फंड जुटाए जाने की संभावना है। मामले की जानकारी रखने वाले कई सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि इस डील के लिए चार इन्वेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनमें जेएम फाइनेंशियल, सिटी, मॉर्गन स्टेनली और बोफा सिक्योरिटीज शामिल हैं। सूत्र ने कहा कि यह फर्म हर कुछ सालों में बड़े ट्रेड करने के लिए जानी जाती है।
बोर्ड मीटिंग में फैसला लेगी कंपनी
एक अन्य सूत्र के अनुसार डील साइज सहित अन्य चीजों पर अंतिम निर्णय 5 अक्टूबर को आगामी बोर्ड मीटिंग के में लिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक फंड का इस्तेमाल ग्रोथ कैपिटल और फर्म की बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए किए जाने की संभावना है। पिछले छह महीनों में बजाज फाइनेंस का स्टॉक 21 फीसदी चढ़ा है। सभी सूत्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है।
बजाज फाइनेंस ने टिप्पणी से किया इनकार
मनीकंट्रोल की ईमेल पर पूछे गए सवाल के जवाब में बजाज फाइनेंस ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। जवाब आने पर उसे स्टोरी में अपडेट किया जाएगा। 5 अगस्त को मनीकंट्रोल ने सबसे पहले रिपोर्ट दी थी कि मुरुगप्पा ग्रुप समर्थित एनबीएफसी चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी ने 4000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए एडवाइजर्स को शॉर्टलिस्ट किया है। कंपनी क्यूआईपी (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) के माध्यम से फंड जुटा सकती है जिसे सितंबर में लॉन्च किए जाने की संभावना है।
एक महीने पहले जारी एक नोट में BoFA Securities के एक्सपर्ट्स ने अगले 12 महीनों में बजाज फाइनेंस के शेयरों में 24 फीसदी तक की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था। इसमें 8750 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ Buy रेटिंग दी गई थी। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी को डायवर्सिफिकेशन, अनसिक्योर्ड ग्रोथ पर प्रोएक्टिव एक्शन और वित्तीय वर्ष 2024 के लक्ष्यों को बरकरार रखने पर फोकस का फायदा मिलेगा।