कोटक वेल्थ की लॉ फर्म ने यह बात बताई... तो क्या कोटक से अशनीर ग्रोवर की लड़ाई खत्म नहीं हुई है?

सबसे पहले कोटक वेल्थ के इंप्लॉई के साथ अशनीर ग्रोवर का एक ऑडियो क्लिप सामने आया था। इसमें अशनीर कोटक के इंप्लॉई को धमकी देते सुनाई दे रहे हैं। फिर, इस मामले ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद अशनीर के खिलाफ उनकी अपनी कंपनी ने जांच शुरू कर दी

अपडेटेड Feb 09, 2022 पर 12:37 PM
कोटक वेल्थ (Kotak Wealth) की लॉ फर्म ने ऐसा बयान दिया है, जो अशनीर ग्रोवर का सिरदर्द बढ़ाने वाला है।

भारतपे (Bharatpe) के को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इधर, उन्हें उनकी ही कंपनी से बाहर करने की तैयारी चल रही है। उधर, कोटक वेल्थ (Kotak Wealth) की लॉ फर्म ने ऐसी बात बताई है, जो अशनीर ग्रोवर का सिरदर्द बढ़ाने वाला है। कोटक वेल्थ की लॉ फर्म खेतान एंड कंपनी ने कहा है कि आईपीओ फाइनेंसिंग से जुड़े विवाद को लेकर उसकी अशनीर ग्रोवर और उनकी पत्नी से कोई डिस्कशन नहीं हुआ है।

दरअसल, खेतान एंड कंपनी ने ग्रोवर को एक लेटर लिखा है। इसमें कहा गया है कि आईपीओ फाइनेंसिंग को लेकर कोटक के साथ चल रहे अशनीर के विवाद मामले में उसकी अशनीर और उनकी पत्नी के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। अंग्रेजी बिजनेस न्यूज वेबसाइट मिंट ने यह खबर दी है। मिंट ने इस लेटर की कॉपी देखने का भी दावा किया है। सबसे पहले कोटक वेल्थ के इंप्लॉई के साथ अशनीर ग्रोवर का एक ऑडियो क्लिप सामने आया था। इसमें अशनीर कोटक के इंप्लॉई को धमकी देते सुनाई दे रहे हैं। फिर, इस मामले ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद अशनीर के खिलाफ उनकी अपनी कंपनी ने जांच शुरू कर दी।

यह भी पढ़ें : IRCTC Share : मजबूत तिमाही नतीजों के बाद स्टॉक में तेजी, क्या आपको करना चाहिए निवेश?


दरअसल, खेतान एंड कंपनी ने ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी ग्रोवर का प्रतिनिधित्व करने वाली एक लॉ फर्म के लेटर के जवाब में ये बातें कही हैं। ग्रोवर का प्रतिनिधित्व कर रही लॉ फर्म रेगस्ट्रीट लॉ एडवाइजर्स ने 19 जनवरी को खेतान एंड कंपनी को एक लेटर भेजा था। इसमें कहा गया था कि उनके क्लाइंट्स ने बताया था कि ग्रोवर और कोटक बैंक और उसके एग्जिक्यूटिव्स के बीच आईपीओ फाइनेंसिंग मामले पर बातचीत हो गई है।

रेगस्ट्रीट लॉ एडवाइजर्स के फाउंडर और पार्टनर सुमीत अग्रवाल ने उस कम्युनिकेशन में कहा था, "दोनों ही पार्टीज आपसी बातचीत से मसले के समाधान के लिए राजी हो गई हैं और कोई भी पार्टी इस मसले को लेकर आरोप और प्रत्यारोप के सिलसिले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती हैं।"

21 जनवरी को अपने जवाब में खेतान एंड कंपनी ने कहा कि नवंबर में भेजे लीगल नोटिस के अपने जवाब को छोड़ इस मामले में किसी तरह का कम्युनिकेशन नहीं हुआ है। खेतान ने अपने लेटर में कहा है, "हमारे क्लाइंट्स (कोटक महिंद्रा बैंक) ने इस मामले में आपके क्लाइंट्स के साथ किसी तरह की चर्चा नहीं की है और इस वजह से पार्टीज के बीच किसी तरह के फैसले का सवाल ही नहीं पैदा होता। हमारे क्लाइंट को इस बारे में पढ़कर आश्चर्य हुआ है और हम सरप्राइज हैं कि क्यों हमारे क्लाइंट के साथ ऐसे डिसक्शन की बात हो रही है, जो कभी हुई ही नहीं है।"

उसने यह भी कहा है कि अगर ग्रोवर इस मामले को बंद करना चाहते हैं तो उन्हें अक्टूबर के अंतिम हफ्ते में भेजे गए लीगल नोटिस को वापस लेना होगा। जनवरी के अंतिम हफ्ते में अपने लिंक्डइन पोस्ट में ग्रोवर ने उदय कोटक की तारीख की थी। उन्हें लीजेंड बताया था। उदय कोटक कोटक महिंद्रा बैंक के प्रमुख हैं। ग्रोवर ने यह भी कहा था, "मुझे कोटक के साथ करियर शुरू करने का सौभाग्य मिला... 7 साल...और मैं बता सकता हूं कि इंडिया में दूसरा कोई फाइनेंस को इतना बेहतर तरीके से नहीं समझता।"

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।