Bisleri का पानी बेच सकती है TATA, कंपनी की ये है योजना

भारत में बोतलबंद पानी का बाजार बहुत बड़ा है। मार्केट रिसर्च एंड एडवायजरी टेकसाई रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2021 में इसका बाजार 243 करोड़ डॉलर (19315 करोड़ रुपये) का था।

अपडेटेड Nov 24, 2022 पर 11:07 AM
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बिसलेरी इंटरनेशनल (Bisleri International) के चेयरमैन रमेश जे चौहान कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं।

Bisleri News: बिसलेरी इंटरनेशनल (Bisleri International) के चेयरमैन रमेश जे चौहान कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं। इसके लिए TATA और कुछ दूसरी कंपनियों से बातचीत चल रही है। खुद चौहान ने इस बात की पुष्टि की है। 24 नवंबर को CNBC-TV18 के साथ बातचीत में रमेश चौहान ने कहा, "हम टाटा के साथ बातचीत कर रहे हैं। दूसरी कंपनियां भी दौड़ में हैं लेकिन अभी मैं इसकी डिटेल का खुलासा नहीं कर सकता हूं। हम कंपनी में अपनी कुछ हिस्सेदारी बनाकर रखेंगे।"

आज द इकॉनमिक टाइम्स ने खुलासा किया था कि टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स 6000-7000 करोड़ रुपये में देश की सबसे बड़ी बोतलबंद पानी बेचने वाली कंपनी बिस्लेरी का अधिग्रहण करने की योजना बना रही है। हालांकि अधिग्रहण के बाद भी सौदे के तहत मौजूदा मैनेजमेंट दो साल तक काम करता रहेगा।

Tata Group भी बेचती है बोतलबंद पानी


टाटा ग्रुप पहली बार बोतलबंद पानी बेचने की तैयारी नहीं कर रही है। अभी टाटा ग्रुप की इकाई टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स हिमालयन ब्रांड के तहत मिनरल वॉटर बेचती है। इसके अलावा टाटा कॉपर प्लस वॉटर और टाटा ग्लूको+ ब्रांड भी टाटा ग्रुप का ब्रांड है। रमेश जे चौहान की बिस्लेरी इंटरनेशनल बिस्लेरी और वेदिका ब्रांड से बोतलबंद पानी बेचती है। इसके अलावा बिस्लेरी इंटरनेशनल (Bisleri International) Spyci, Limonata, Fonzo और PinaColada ब्रांड नाम के तहत भी ड्रिंक्स की बिक्री करती है। चौहान ने थम्सअप, गोल्ड स्पॉट, माजा और लिम्का जैसे अन्य दिग्गज ब्रांड को तैयार किया था जिसे वर्ष 1993 में कोका-कोला ने खरीद लिया था। उस समय कोका-कोला ने भारतीय बाजार में फिर से प्रवेश किया था तो उसने देशी ब्रांड को खरीदा था।

बहुत बड़ा है बोतलबंद पानी का बाजार

भारत में बोतलबंद पानी का बाजार बहुत बड़ा है। मार्केट रिसर्च एंड एडवायजरी टेकसाई रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2021 में इसका बाजार 243 करोड़ डॉलर (19315 करोड़ रुपये) का था। लोगों की आय बढ़ रही है, हेल्थ और हाइजीन को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और प्रोडक्ट इनोवेशन बढ़ रहा है। इन सब बातों को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि यह 13.25 फीसदी की सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा।

 

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