BitCoin Price: पिछले कारोबारी दिन में $78500 के नीचे फिसलने के बाद आज शुरुआती कारोबार में ही बिटकॉइन उछलकर $81000 के पार चला गया। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते दुनिया भर में बाजारों में वोलैटिलिटी बढ़ी है और इन सबके बीच बिटकॉइन आज उछल पड़ा। हालांकि कच्चे तेल में भाव तेजी के चलते निवेशकों का रुझान सतर्क बना हुआ है। डब्ल्यूटीआई क्रूड $105 के ऊपर और ब्रेंट क्रूड $119 के करीब है। बिटकॉइन की मौजूदा उछाल के बाद अब ट्रेडर्स की नजर इस बात पर है कि क्या यह $81500 का अहम रेजिस्टेंस लेवल पार कर पाएगा तो सीएमई फ्यूचर्स पर $84000 के आस-पास का गैप भरने इस लेवल तक बिटकॉइन पहुंच सकता है।
क्या है एनालिस्ट्स का रुझान?
कॉइनस्विच के मुताबिक जब से अमेरिका और ईरान के बीच जंग छिड़ी है, बिटकॉइन 20% से अधिक ऊपर चढ़ा है तो गोल्ड में 13-14% की गिरावट आई है। कॉइनडीसीएक्स के मुताबिक घटती सप्लाई और मजबूत संस्थागत रुझानों ने इसे $80000 के पार पहुंचाया। कॉइनस्विच के मुताबिक कच्ते तेल के प्रति बैरल $100 के पार होने जैसे मैक्रो दबाव के बावजूद शॉर्ट स्क्वीज और ईटीएफ में लगातार निवेश से मार्केट के 'रिस्क-ऑन' फेज में एंट्री के संकेत मिल रहे हैं।
डेल्टा एक्सचेंज की रिसर्च एनालिस्ट रिया सहगल के मुताबिक बिटकॉइन का $80,000 के ऊपर जाना वैश्विक अनिश्चितता के बीच टेक्निकल ब्रेकआउट, इंस्टीट्यूशनल फ्लो में सुधार और रिस्क लेने के बढ़ते रुझान का मिक्स्ड रुझान है। रिया के मुताबिक अब बिटकॉइन को $84000–$85000 की तरफ बढ़ने के लिए जरूरी है कि यह लगातार $80000–$82000 के ऊपर बंद हो। अगर यह लेवल नहीं टिकता है तो बिटकॉइन फिर $78000–$79000 तक फिसल सकता है।
Pi42 के को-फाउंडर और सीईओ अविनाश शेखर के मुताबिक बिटकॉइन ने एक बड़े मनोवैज्ञानिक रेजिस्टेंस को टेस्ट कर रहा है, जिसे इसने तीन महीने में पहली बार पार किया है। इस तेजी को मजबूत मोमेंटम और बेयरेश पोजिशंस के तेज लिक्विडेशन यानी शॉर्ट कवरिंग से सपोर्ट मिला है। उनका मानना है कि मार्केट में अभी ट्रेडर्स काफी सतर्क हैं जिससे शॉर्ट टर्म सेंटिमेंट और पोजिशनिंग प्रभावित हो सकता है। अविनाश का यह भी कहना है कि जोरदार तेजी की स्थिति में मुनाफावसूली भी दिख सकती है लेकिन अगर यह $80000 के ऊपर टिका रहा तो इसमें अच्छी रैली आ सकती है।
Giottus के सीईओ विक्रम सुब्बुराज के मुताबिक 8-13 मई के बीच आने वाले अमेरिकी आंकड़ों के चलते नियर टर्म में अस्थिरता बनी रह सकती है। विक्रम का कहना है कि 1 मई को ईटीएफ में $62.98 करोड़ के ईटीएफ इनफ्लो से इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट का संकेत मिल रहा है लेकिन ऑन-चेन डेटा अभी भी मांग को कमजोर बता रहा है। ऐसे में उन्होनें सलाह दी है कि निवेशकों को रेजिस्टेंस के पास कीमतों का पीछा करने की बजाय $75,000 के सपोर्ट जोन के पास चरणबद्ध तरीके से निवेश पर विचार करना चाहिए।
बाकी क्रिप्टो का क्या है हाल?
यहां अहम क्रिप्टोकरेंसीज के मौजूदा भाव की डिटेल दी जा रही है-
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