बजट के दिन निफ्टी और बैंक निफ्टी पर सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने स्ट्रैटेजी बताते हुए कहा कि निफ्टी के सभी स्तर बजट से पहले के ट्रेड के लिए हैं। बजट के बाद की स्ट्रैटेजी की चर्चा बाद में करेंगे। निफ्टी में पहला सपोर्ट 21,500-21,600 (ऑप्शंस आधारित) पर है। जबकि बड़ा सपोर्ट 21,400-21,500 (सीरीज का निचला स्तर) पर है। वहीं पहला रजिस्टेंस 21,763-21,813 (सीरीज का उच्च स्तर) पर है जबकि बड़ा रजिस्टेंस 21,844-21,898 (ऑप्शंस आधारित) पर है। निफ्टी में 21,600-21,650 खरीदारी का जोन है इसके लिए 21,500 का स्टॉपलॉस लगाए। वहीं 21,750-21,850 बिकवाली का जोन है इसके लिए 21900 पर स्टॉपलॉस लगाए।
बजट के दिन बैंक निफ्टी पर कैसी रणनीति बनानी चाहिए इस पर बात करते हुए अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी बैंक के सभी स्तर बजट से पहले के ट्रेड के लिए हैं। बजट के बाद की स्ट्रैटेजी की चर्चा बाद में करेंगे। इसका पहला रजिस्टेंस 46,180 (कल का शिखर) पर है जबकि बड़ा रजिस्टेंस 46,580 (ब्रेकडाउन जोन) पर है। पहला सपोर्ट 45,500 (ऑप्शंस जोन) पर है। वहीं बड़ा सपोर्ट 45,079 (सीरीज का निचला स्तर) पर है। पहली ग्रीन कैंडल पर खरीदें और दिन का निचला स्तर स्टॉपलॉस लगाए। पहली रेड कैंडल पर बेचें और स्टॉपलॉस दिन का उच्च स्तर लगाए।
अनुज सिंघल ने कहा कि बजट से 7 दिन पहले निफ्टी 0.5% ऊपर है। बजट के बाद अमूमन निफ्टी 3% चढ़ता है। वीकली चाल के आधार पर देखें तो बजट से पहले 0.5% गिरता है और बजट के बाद 1.4% चढ़ता है। 2020में बजट से एक पहले निफ्टी 3.8% फिसला था जबकि बजट के बाद 3.2% चढ़ा था। 2022 में बजट से पहले 1.7% चढ़ा है जबकि बजट के बाद 0.6% फिसला था। वहीं 2023 में बजट से पहले 2.5 गिरा था जबकि बजट के बाद 0.6% चढ़ा है। सिर्फ 2018 में बजट के बाद निफ्टी 5% फिसला । 2016 के बजट के बाद निफ्टी 7% दौड़ा था।
बाजार और बजट पर बात करते हुए अनुज सिंघल ने कहा कि उन्हें आज पेश होने वाले अंतरिम बजट में टैक्स दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं नजर आ रही हैं। बजट से पहले टैक्स बाजार का सबसे बड़ा डर है। खासकर कैपिटल गेंस में कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है। टैक्सपेयर्स को कोई राहत बड़ा पॉजिटिव होगा।
उनका कहना है कि सरकार वित्तीय घाटे पर बहुत सख्त रही है। सरकार अब तक पेट्रोलियम में कटौती से बची है। सरकार का फोकस सब्सिडी पर भी रहा है। वित्तीय अनुशासन जारी रहने की उम्मीद है।
अनुज सिंघल का कहना है कि पिछले साल बजट में कैपेक्स काफी बढ़ा था। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बार कैपेक्स ज्यादा नहीं रहेगा।
वहीं विनिवेश पर बात करते हुए अनुज सिंघल का कहना है कि सरकार विनिवेश लक्ष्य हासिल करने में नाकाम रही है। PSU शेयर सबसे बड़ी रीरेटिंग के दौर से गुजर रहे हैं।
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