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BUDGET 2022: बजट सत्र में क्रिप्टो बिल पेश होने की उम्मीद कम, ये है वजह

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार क्रिप्टो में निवेश को लेकर बहुत पॉजिटिव नहीं हैं। दोनों इसमें निवेश को रिस्की मानते हैं।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 19, 2022 पर 6:03 PM
BUDGET 2022: बजट सत्र में क्रिप्टो बिल पेश होने की उम्मीद कम, ये है वजह
सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर व्यापक नियम बनाने का फैसला किया है। इसके लिए वह संसद में बिल पेश करेगी।

क्रिप्टोकरेंसी बिल (Cryptocurrency Bill) के संसद के बजट सत्र (Budget Session) में पेश होने की उम्मीद कम है। इस बिल के आने के बाद यह साफ होगा कि देश में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े नियम क्या होंगे। अभी क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े नियमों को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार क्रिप्टो में निवेश को लेकर बहुत पॉजिटिव नहीं हैं। दोनों इसमें निवेश को रिस्की मानते हैं। उनका मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी में निवेशकों का पैसा डूब सकता है। यही वजह है कि सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर व्यापक नियम बनाने का फैसला किया है। इसके लिए वह संसद में बिल पेश करेगी।

माना जाता है कि सरकार क्रिप्टोकरेसी पर अपनी पॉलिसी को लेकर और चर्चा चाहती है। सरकार को आरबीआई के डिजिटल करेंसी प्रोजेक्ट (Digital Currency)से जुड़े ऑब्जर्वेशन और तकनीकी पहलुओं का इंतजार है। उम्मीद है कि आरबीआई अगले कुछ महीनों में अपनी डिजिटल करेंसी लॉन्च कर देगा। केंद्रीय बैंक प्राइवेट डिजिटल करेंसी (Private Digital Currency) को लेकर अपनी चिंता जता चुका है। उसका मानना है कि इससे अर्थव्यवस्था और वित्तीय स्थिरता (Financial Stability) को खतरा पैदा हो सकता है।

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अंग्रेजी बिजनेस न्यूजपेपर ईटी के मुताबिक, वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) के एक वरिष्ठ अफसर ने कहा है कि क्रिप्टो एक जटिल मसला है। इसलिए सरकार को पॉलिसी बनाने के लिए और समय चाहिए। इसलिए क्रिप्टो बिल के बजट सत्र में आने की उम्मीद नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी के लिए कई कानूनों में संशोधन की जरूरत पड़ेगी। माना जा रहा है कि सरकार एक सीमा से ज्यादा की क्रिप्टोकरेंसी की खरीद और बिक्री पर टीसीएस/टीडीएस लागू कर सकती है।

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