Union Budget 2022:Ashika Group के अमित जैन ने मनीकंट्रोल से बाजार की आगे की दशा और दिशा, देश की इकोनॉमी और आगामी बजट पर एक खास बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने कहा कि तीसरी तिमाही के नतीजे अब तक अनुमान के मुताबिक ही रहे हैं हालांकि कंपनियों की कमाई पर महंगाई का असर साफ तौर पर दिखा है। आगे आनेवाली तिमाहियों में भी कंपनियों के आय पर बढ़ती लागत का असर जरूर देखने को मिलेगा। तिमाही नतीजों के अलावा यूनियन बजट 2022 एक ऐसा अहम इवेंट रहेगा जिस पर बाजार की नजर रहेगी।
इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि अगर 1 फरवरी को आने वाले यूनियन बजट में कैपिटल गेन टैक्स में कोई कटौती की जाती है या इसको वापस लिया जाता है तो इससे बजट के ही दिन से एफपीआई सेंटीमेंट में सुधार देखने को मिलेगा। इसके अलावा अगर सरकार रेसिडेंसी रूल्स से संबंधित टैक्स कानूनों में कोई बदलाव करती है तो इससे देश में विदेशी निवेश को और बूस्ट मिल सकता है।
बजट पर ही बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि इस बात की संभावना है कि इस बार का बजट ज्यादा पॉपुलिस्ट और ग्रोथ ओरिएंटेड होगा। इस बजट में वित्तीय घाटे पर नियत्रंण और किसी दूसरे मैक्रो फैक्टर पर तुलनात्मक रुप में ग्रोथ की तुलना में कम फोकस किया जाएगा। इस साल देश के 7 राज्यों में चुनाव हैं जिसको देखते हुए इस बात की उम्मीद है कि सरकार का फोकस सोशल वेलफेयर वाली स्कीमों पर ज्यादा होगा जिससे की समाज के कमजोर तबके के लोगों को लुभाया जा सके।
उन्होंने बजट पर ही बात करते हुए आगे कहा कि रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार SME सेक्टर के लिए पीएलआई जैसी स्कीमें ला सकती है। इसके अलावा सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थकेयर सेक्टर पर भी होगा। जिसका इकोनॉमी पर अच्छा असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा इस बजट में इंडियन इकोनॉमी के जीवाश्म ईंधन से गैस ईंधन की तरफ ट्रांसफॉर्मेशन से संबंधित कुछ बड़ी घोषाणाएं सुनने की मिल सकती हैं। बजट में सरकार का फोकस ग्रोथ पर होगा। इसलिए वित्त निर्मला सीतारमन वित्तीय घाटे पर कठोर नियत्रंण की नीति में ढ़िलाई बरतती नजर आ सकती हैं।
बाजार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सर्तकता बनाए रखते हुए बुलिश रुझान के कायम रहने की उम्मीद करते हैं। निफ्टी की मार्च 2023 के पहले 21000 का लेवल छू सकता है। इसकी वजह यह है कि निफ्टी में अभी भी कई ऐसे सेक्टर जो अंडरवैल्यूड हैं । इसी तरह ब्रॉडर मार्केट में भी कई सेक्टर अंडरवैल्यूड हैं लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि यह साल ब्रॉडबेस्ड मार्केट रैली के बजाए चुनिंदा स्टॉक्स में तेजी का रहेगा।