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Budget 2022: साल 2017 के बाद बजट में बदल गए ये नियम, गढ़े गए नए शब्द, जानिए क्या हैं इनके मायने

Budget 2022: बजट में पहले सरकार के खर्च को दो श्रेणियों में बांटा जाता था। लेकिन अब इसे खत्म कर दिया गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 13, 2022 पर 4:13 PM
Budget 2022: साल 2017 के बाद बजट में बदल गए ये नियम, गढ़े गए नए शब्द, जानिए क्या हैं इनके मायने
जानिए साल 2017 के बाद बजट में क्या हुआ बदलाव

Budget 2022: आम बजट एक वित्त वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च तक) की अवधि के दौरान सरकार की प्राप्तियां और व्यय के अनुमानों का विवरण होता है। बजट के मुख्य दो भाग होते है आय और व्यय। सरकार की समस्त प्राप्तियों और राजस्व को आय कहा जाता है और सरकार के सभी खर्चों को व्यय कहा जाता है।

बजट में पहले सरकार के खर्च को दो वर्गों में बांटा जाता था। योजनागत खर्च (Plan expenditure) और गैर- योजनागत खर्च (Non-Plan expenditure), लेकिन साल 2017 में सरकार ने इस वर्गीकरण को खत्म कर दिया। वित्त मंत्रालय ने सरकारी योजनाओं पर एकसमान पैसा खर्च करने का फैसला किया। लिहाजा इस वर्गीकरण को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया।

क्यों हुआ समाप्त

पहले बजट में ज्यादा जोर प्लान्ड एक्सपेंडिचर पर होता था और योजनाओं के रखरखाव और उसके सुचारू तरीके से चलाने के लिये इस्तेमाल होने वाले नॉन-प्लान्ड एक्सपेंडिचर की उपेक्षा होती थी। इस वजह से सरकार ने इसे खत्म कर इसका नाम कैपिटल स्पेंडिंग (Capital spending) और रेवेन्यू स्पेंडिग (Revenue Spending) कर दिया।

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