Budget 2022: आम बजट 2021 में इनकम टैक्स स्लैब को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया था। साल 2020 के बजट में टैक्स भरने के दो विकल्प मुहैया कराए गए थे। लिहाजा अभी भी टैकस पेयर्स के पास दो विकल्प हैं। दोनों में से किसी एक टैक्स स्लैब को टैक्स पेयर्स चुन सकते हैं।
इन दो विकल्पों में से एक विकल्प पुराना/मौजूदा टैक्स स्लैब है और दूसरा विकल्प है। नया टैक्स स्लैब, जो बजट 2020 में लाया गया था। आइए जानते हैं नया या पुराना टैक्स स्लैब में से कौन सा टैक्स स्लैब किसके लिए फायदेमंद है।
पुराना टैक्स स्लैब क्या है
पहले समझते हैं कि पुराना टैक्स स्लैब क्या है जिसका विकल्प आज भी मौजूद है। साल 2020 से पहले बजट में लाए गए टैक्स स्लैब के मुताबिक 2.5 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं है। 2.5 लाख से 3 लाख रुपये तक की इनकम पर 5 फीसदी की दर से टैक्स लगता है। साथ ही U/S 87A के तहत 12,500 रुपये की कर छूट प्राप्त है। 3 लाख से 5 लाख रुपये तक की आय पर भी 5 फीसदी की दर से टैक्स लगता है। U/S 87A के तहत 12,500 रुपये की कर छूट मिलती है। इस तरह इस टैक्स स्लैब में 5 लाख रुपये तक की आय तक 87A के तहत कर छूट मिलने से कोई टैक्स देनदारी नहीं बनती है।
इससे आगे 5 से 7.5 लाख रुपये की आय पर 10 फीसदी की दर से टैक्स लगता है। 7.5 से 10 लाख रुपये की आय पर 15 फीसदी की दर से टैक्स है। 10 से 12.50 लाख रुपये की आय पर 20 फीसदी की दर से टैक्स है। 12.5 लाख से 15 लाख रुपये की आय पर 25 फीसदी की दर से टैक्स है। इसके बाद 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 फीसदी की दर से टैक्स लगता है।
साल 2020 के बजट में टैक्स स्लैब में दरें कम कर दी गई, लेकिन इसमें सेक्शन 80C के तहत मिलने वाली और अन्य दूसरी कर छूटों को खत्म कर दिया गया। नए टैक्स स्लैब को उम्र के हिसाब से बांटा गया है। 60 साल की उम्र तक के लिए, 60 साल से 80 साल की उम्र के लिए एक स्लैब और 80 साल की आयु से अधिक के सुपर सीनियर सिटिजंस के लिए भी एक स्लैब बनाया गया है। 60 साल तक के लिए 2.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है। 2.5 लाख से 5 लाख पर 5 फीसदी, 5 लाख रुपये से लेकर 7.5 लाख रुपये पर 10 फीसदी, 7.5 से 10 लाख पर 15 फीसदी, 10-12.5 लाख पर 20 फीसदी, 12.5 लाख से 15 लाख रुपये पर 25 फीसदी और 15 लाख रुपये से ज्यादा पर 30 फीसदी की दर से टैक्स लगता है।
कौन सा टैक्स स्लैब होगा बेहतर
दोनों ही टैक्स सिस्टम में अगर आपकी आय 5 लाख रुपये सालाना से कम है तो आपको 12,500 रुपये की छूट मिलेगी। यानी 5 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम वाले लोगों को कोई भी टैक्स नहीं चुकाना होगा। नए टैक्स सिस्टम में सीनियर सिटिजन या फिर सुपर सीनियर सिटिजन को अधिक टैक्स छूट भी नहीं मिलती है, सबके लिए टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये ही है।
खास बात ये है कि टैक्सपेयर्स (Taxpayers) पुराने टैक्स स्लैब (Old tax slab) से नए स्लैब में जा सकते हैं और वे नए स्लैब से फिर पुराने स्लैब में वापस आ सकते हैं। हालांकि यह छूट कुछ खास वर्ग के टैक्सपेयर्स के लिए ही है। नौकरीपेशा वाले लोग नए स्लैब में जाकर वापस आ सकते हैं। नौकरीपेशा हर वित्त वर्ष में टैक्स स्लैब (How to switch tax slab) स्विच कर सकते हैं। जिनकी सैलेरी, किराए या अन्य सोर्स से आय है, वे हर बार टैक्स स्लैब बदल सकते है। अगर आपकी बिजनेस से इनकम है तो आप सिर्फ एक बार शिफ्ट कर सकते हैं। बिजनेसमैन एक बार स्विच करने पर वापस नहीं आ सकते है।