इस बार के बजट (Budget 2022) में रेलवे (Railways) के लिए कई बड़े ऐलान हो सकते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। इसमें वे रेलवे के खर्च और आमदनी के ब्योरा के साथ अगले वित्त वर्ष के लिए रेल बजट के बारे में भी बताएंगी। केंद्र सरकार पिछले कुछ सालों से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर (Rail Infrastructure) को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है। उसका लक्ष्य भारतीय रेलवे को विश्वस्तरीय बनाने के साथ ही यात्री सुविधाएं बढ़ाना है।
उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष में रेलवे के लिए बजट आवंटन (Budget Allocation) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा। रेलवे के प्लान साइज (Plan Size) में सरकार 20 फीसदी तक का इजाफा कर सकती है। इससे रेलवे का प्लान साइज बढ़कर 2.5 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच जाएगा। सरकार लंबी अवधि के नजरिए से रेलवे के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना चाहती है। इसमें माल ढुलाई के लिए फ्रेट कॉरिडोर (Freight Corridor) शामिल है। इसके अलावा आधुनिक ट्रेन चलाने की भी योजना है। इसके लिए रेल इंजन और वैगन को उन्नत बनाने पर सरकार का फोकस है।
सरकार ने सभी रेलवे रूट को इलेक्ट्रिफाई करने और सिग्निलिंग सिस्टम (Signaling System) को आधुनिक बनाने को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। इससे गुड्स ट्रेन एक जगह से दूसरी जगह काफी कम समय में पहुंच सकेगी। साथ ही पैसेंजर ट्रेन को भी एक जगह से दूसरी जगह की दूरी तय करने में कम समय लगेगा। यात्रियों को भी बेहतर ट्रेवल एक्सपीरियंस होगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल रेलवे के लिए 2.15 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया था। यह रेलवे के लिए अब तक का सबसे ज्यादा बजट आवंटन था। इसमें से 7,500 करोड़ रुपये आंतरिक स्रोत से, 1 लाख करोड़ रुपये बजट के अतिरिक्त स्रोतों से और 1.07 लाख करोड़ रुपये बजट सपोर्ट से जुटाने का प्रस्ताव था। पिछले साल बजट सपोर्ट का 90 फीसदी हिस्सा कैपिटल एक्सपेंडिचर पर खर्च हुआ था।
वित्त वर्ष 2020-21 में रेलवे के लिए बजट से मिलने वाला सपोर्ट काफी कम सिर्फ 70,250 करोड़ रुपये था। इससे एक साल पहले यह 69,967 करोड़ रुपये था। सूत्रों का कहना है कि बजट सपोर्ट के रूप में रेलवे को मिलने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर खर्च हो सकता है। इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। यह रेलवे का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट की सफलता के बाद सरकार देश में कुछ और रूट पर बुलेट ट्रेन चलाना चाहती है।
सरकार दिल्ली-वाराणसी रूट पर हाई-स्पीड ट्रेन (High-Speed Train) भी शुरू करने पर विचार कर रही है। इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। इसके लिए रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करना बहुत जरूरी है। यही वजह है कि रेलवे सिग्नलिंग सहित दूसरी बुनियादी सुविधाओं को उन्नत बनाने पर फोस कर रही है।