Budget 2022 : ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की तैयारी, बजट में हो सकता है यह बड़ा ऐलान

सरकार ने अगले साल के अंत तक ब्रॉडगेज रेल लाइनों के पूर्ण इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य के पूरा होने पर देश में ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने में हेल्प मिलेगी

अपडेटेड Jan 27, 2022 पर 1:17 PM
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगले वित्त वर्ष में रेल लाइनों के इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन कर सकती हैं। सरकार ने अगले वित्त वर्ष में रिकॉर्ड 7,000 किलोमीटर रेल ट्रैक के इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य रखा है।

इस बार बजट (Budget 202) में रेलवे के लिए बड़ा ऐलान हो सकता है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार रेलवे को आधुनिक बनाने पर काफी जोर दे रही है। अनुमान है कि इस बार बजट में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर (Railway Infrastructure) के लिए आवंटन काफी बढ़ सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। बजट में वह रेलवे के बहीखातों का भी ब्यौरा देंगी। साथ ही, अगले वित्त वर्ष के लिए नए रेल प्रोजेक्ट्स के लिए फंड का भी ऐलान करेंगी। सरकार अलग से रेल बजट पेश करने के प्रैक्टिस पर रोक लगा चुकी है।

बताया जाता है कि सरकार का फोकस ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने पर है। इससे यात्रा में लगने वाला समय घटेगा, जिससे पैसेंजर को काफी फायदा होगा। अभी ट्रेनों सी औसत स्पीड सिर्फ 44.5 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह जापानी, चीन, रूस जैसे देशों के मुकाबले काफी कम है। ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए सरकार देशभर में रेल लाइनों के इलेक्ट्रिफिकेशन पर जोर दे रही है। सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2023 तक ब्रॉडगेज रेल लाइनों के पूर्ण इलेक्ट्रिफिकेशन का प्लान है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगले वित्त वर्ष के लिए रेल लाइनों के इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन कर सकती हैं। सरकार ने अगले वित्त वर्ष में रिकॉर्ड 7,000 किलोमीटर रेल ट्रैक के इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य रखा है। रेल लाइनों के इलेक्ट्रिफिकेशन से जहां एक तरफ पैसेंजर और गुड्स ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं दूसरी तरफ फ्यूल के रूप में डीजल के इस्तेमाल में कमी आएगी।


अगर अगले वित्त वर्ष के दौरान 7,000 किमी रेल ट्रैक के इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा हो जाता है तो सिर्फ 5,800 किमी ब्रॉडगेज ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन बच जाएगा। रेलवे का नेटवर्क 64,689 किलोमीटर टैक का है। वित्त वर्ष 2020-21 के अंत तक 45,881 किमी ब्रॉडगेज लाइनों के इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूर हो चुका था। पिछले साल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए रेल लाइनों के इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए 7,452 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। रेल लाइनों के इलेक्ट्रिफिकेशन से न सिर्फ कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी बल्कि इससे फ्यूल खर्च में सालाना करीब 13,500 करोड़ रुपये की बचत भी होगी।

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