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Budget 2023: स्पेस टेक कंपनियों को PLI स्कीम के दायरे में लाने से स्पेस टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलेगा

Union Budget 2022: सैटकॉम इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SIA-India) का कहना है कि स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनियों को PLI स्कीम के तहत लाने से स्पेस टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलेगा। स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कई स्टार्अप्स आ गए हैं, जिन्हें सरकारी मदद की जरूरत है

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 02, 2023 पर 5:57 PM
Budget 2023: स्पेस टेक कंपनियों को PLI स्कीम के दायरे में लाने से स्पेस टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलेगा
2022 में कई प्राइवेट सैटेलाइट देश में लॉन्च किए गए। इनमें पहला प्राइवेट रॉकेट लॉन्च भी शामिल था।

Budget 2023: सैटकॉम इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SIA-India) ने सरकार से स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों को PLI स्कीम में शामिल करने की मांग की है। इस एसोसिएशन में ध्रुव स्पेस, एस्ट्रोगेट, ग्लैक्सआई सहित स्पेस से जुड़ी कई कंपनियां शामिल हैं। एसोसिएशन ने कहा है कि फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को पेश होने वाले बजट (Union Budget 2023) में इन कंपनियों को पीएलआई स्कीम के दायरे में लाने का ऐलान कर सकती हैं। एसोसिएशन का कहना है कि पीएलआई स्कीम के दायरे में इन कंपनियों को लाने से न सिर्फ इस सेक्टर की कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोत्साहित होंगी विदेशी कंपनियों की दिलचस्पी भी इंडिनय इकोसिस्टम का हिस्सा बनने में बढ़ेगी।

स्पेस मैन्युफैक्टरिंग प्लेटफॉर्म के लिए पॉलिसी जरूरी

2022 में कई प्राइवेट सैटेलाइट देश में लॉन्च किए गए। इनमें पहला प्राइवेट रॉकेट लॉन्च भी शामिल था। इसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। इंडस्ट्री का मानना है कि अगर सरकार की मदद मिल जाए तो उसे तेजी से ग्रोथ करने में मदद मिलेगी। इंडस्ट्री बॉडी ने कहा है कि सरकार को स्पेस मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म के लिए पॉलिसी बनानी चाहिए। एसोसिएशन ने पेलोड मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग फैसिलिटीज और स्पेस पार्क्स को भी पीएलआई के दायरे में लाने की मांग की है।

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