Budget 2023 Expectations Live Updates: इस साल बजट से हर शख्स को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने पिटारे से राहत की कोई खबर देंगी। 2014 से इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं आया है। ऐसे में आम चुनाव से पहले आखिरी पूर्ण बजट में आम आदमी टैक्स और महंगाई से राहत की मांग कर रहा है
Budget 2023 Expectations Live Updates: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को आम बजट पेश करेंगी। सीनियर सिटीजन से लेकर सैलरी क्लास तक के लोगों को इस बार के आम बजट से काफी उम्मीदें हैं। इस बार के बजट में सीनियर सिटीजन को उम्मीद है कि उन्हें रेल किराए में मिलने वाली रियायत फिर से शुरू हो सकती है। दरअसल, मार्च 2020 से पहले रेल किराए में पुरुषों को 60 वर्ष की उम्र के बाद 40 फी
Budget 2023 Expectations Live Updates: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को आम बजट पेश करेंगी। सीनियर सिटीजन से लेकर सैलरी क्लास तक के लोगों को इस बार के आम बजट से काफी उम्मीदें हैं। इस बार के बजट में सीनियर सिटीजन को उम्मीद है कि उन्हें रेल किराए में मिलने वाली रियायत फिर से शुरू हो सकती है। दरअसल, मार्च 2020 से पहले रेल किराए में पुरुषों को 60 वर्ष की उम्र के बाद 40 फीसदी की छूट मिलती थी। वहीं महिलाओं को 58 वर्ष की उम्र के बाद किराए में 50 फीसदी की छूट मिलती थी।
जैसे-जैसे बजट की तारीख नजदीक आती जा रही है। हर सेक्टर्स की उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। सरकार इस बजट में कुछ खास ऐलान कर सकती है। इस बीच फार्मा सेक्टर और रियल एस्टेट सेक्टर ने भी बजट से काफी उम्मीदें की हैं। फार्मा सेक्टर से जानकारों का कहना है कि सरकार को शोध और खोज पर काफी फोकस करने की जरूत है। वहीं रियल एस्टेट सेक्टर ने भी सरकार कुछ प्रस्ताव दिए हैं। जिसे अमल में लाने की मांग की गई है। बता दें कि बजट सत्र कल यानी 31 जनवरी से शुरू हो रहा है।
आज सोमवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक सोमवार को 12 बजे होगी। इसी दिन NDA के सभी सहयोगी दलों की भी बैठक बुलाई गई है। संसदीय मंत्री प्रलहाद जोशी (Pralhad Joshi) ने सभी दलों को बैठक के लिए निमंत्रण भेजा है। बैठक में बजट सत्र को सही ढंग से चलाने के लिए सरकार कांग्रेस, TMC समेत सभी मुख्य विपक्षी दलों से सहयोग लेने की संभावना तलाशेगी। बता दें कि संसद के हर सत्र से पहले इस तरह की बैठक आयोजित होती रही है। बैठक में विपक्षी दल उन मुद्दों को रख सकते हैं। जिन पर वह इस सत्र में चर्चा चाहते हैं।
भारत में कोरोनावायरस संक्रमण का सबसे बुरा दौर निकल गया है। लेकिन अभी भी हम इस खतरे से पूरी तरह बाहर नहीं आ पाए हैं। 2021 के बुरे दौर को देखते हुए एकबार फिर यह मांग जोर पकड़ रही है कि सरकार को हेल्थकेयर के बजट पर ध्यान देना चाहिए। इकोनॉमी पटरी पर लौट ही रही थी कि ग्लोबल मंदी नया खतरा बनकर उभर गया है। एक सर्वे में करीब 50 फीसदी लोगों का मानना है कि इकोनॉमी 2023 में आगे बढ़ेगी और 31 फीसदी को मंदी की आशंका है। इसके साथ ही महंगाई ने भी आम आदमी की कमर तोड़ दी है। हेल्थ के बढ़ते खर्च ने घरेलू बचत को भी चपत लगा दी है। ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मेडिकल और हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट बढ़ाने की मांग भी हो रही है।