Union Budget 2023: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को संसद में आम बजट पेश करेंगी। बजट को अंतिम रूप देने का काम लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस बीच इस बार बजट में सैलरी क्लास के लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। टैक्सपेर्स को 8 साल बाद उम्मीद है कि उन्हें टैक्स में छूट मिल सकती है। हेल्थ इंश्योरेंस से लेकर महंगाई से निपटने के लिए उन्हें राहत मिलने के आसार हैं। आम आदमी को होम लोन पर भी ब्याज छूट बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में इस बजट में आम आदमी के लिए क्या कुछ खास होने वाला है, इसे लेकर हर तरफ चर्चा चल रही है। ऐसे में आइये जानते हैं आम आदमी को कहां मिल सकती है बड़ी राहत....
सेविंग अकाउंट के ब्याज पर छूट
इनकम टैक्स के सेक्शन 80TTA के तहत बैंक, डाकघर या फिर कोऑपरेटिव में बचत खाते पर मिलने वाली ब्याज पर 10,000 रुपये सालाना छूट मिलती है। यानी अगर आपको बैंक में अपनी जमा पर एक साल में 10,000 रुपये तक मिलते हैं तो इस पर टैक्स नहीं लगता है। इसकी लिमिट अब बढ़ाकर 50,000 रुपये करने की उम्मीद जताई जा रही है।
हेल्थ इंश्योरेंस की छूट में हो सकता है बदलाव
कोरोना वायरस महामारी के बाद से लोगों में हेल्थ इंश्योरेंस के प्रति काफी जागरूकता आई है। लोग अपने परिवार का हेल्थ इंश्योरेंस कराने पर जोर दे रहे हैं। फिलहाल अगर कोई अपना, पत्नी और बच्चों का हेल्थ इंश्योरेंस कराता है। तब इस स्थिति में उसे 25,000 रुपये की छूट मिलती है। वहीं माता- पिता का हेल्थ इंश्योरेंस कराने पर 50,000 रुपये कर की छूट मिल जाती है। इस बार के बजट में इसकी लिमिट बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या आम आदमी को महंगाई से मिलेगी राहत
साल 2022 में महंगाई के कारण लोगों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। महंगाई दर भी साल के ज्यादातर समय RBI की ओर से तय किए गए महंगाई के बैंड 2 से 6 फीसदी ऊपर रही। पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसे में सबकी नजरें निर्मला सीतारमण के राहत घोषणाओं पर होंगी। आम जनता वित्त मंत्री से उम्मीद भरी नजरों से देख रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार सैलरी क्लास के लोगों को मोदी सरकार बड़ी राहत दे सकती है। माना जा रहा है कि इस बार मौजूदा टैक्स लिमिट को 2.5 लाख को बढ़ाया जा सकता है। जानकारों का कहना है कि टैक्स छूट की लिमिट बढ़ाकर 5 लाख की जा सकती है। वहीं इनकम टैक्स सेक्शन 80C के तहत मिलने वाली निवेश छूट की लिमिट भी बढ़ाई जा सकती है। अभी 80C के तहत 1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है। ऐसी खबरें हैं कि वित्त मंत्री इस बार के बजट में इस सीमा को बढ़ाकर सालाना 2 लाख कर सकती हैं।