Budget 2023 Expectations Live Updates: कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार इस साल बाजार को खुश करने वाले फैसले ले सकती है. शेयर बाजार में पहले से उतारचढ़ाव बना हुआ है ऐसे में अगर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में कोई नेगेटिव फैसला लेती हैं तो बाजार में भयंकर गिरावट आ सकती है
Budget 2023 Expectations Live Updates: हर साल बजट पर कुछ सेक्टर्स को तोहफा मिलता है और कुछ सेक्टर्स को झटका। अभी तक मार्केट एक्सपर्ट्स उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार बजट के लिए कोई नेगेटिव फैसला नहीं लेगी। इसी को आधार बनाकर टेक्निकल एक्सपर्ट्स ने कुछ शेयर सुझाए हैं। अगर आप भी बजट के दिन मार्केट से मुनाफा बनाना चाहते हैं तो इन शेयरों पर गौर कर सकते हैं।
Budget 2023 Expectations Live Updates: हर साल बजट पर कुछ सेक्टर्स को तोहफा मिलता है और कुछ सेक्टर्स को झटका। अभी तक मार्केट एक्सपर्ट्स उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार बजट के लिए कोई नेगेटिव फैसला नहीं लेगी। इसी को आधार बनाकर टेक्निकल एक्सपर्ट्स ने कुछ शेयर सुझाए हैं। अगर आप भी बजट के दिन मार्केट से मुनाफा बनाना चाहते हैं तो इन शेयरों पर गौर कर सकते हैं।
Budget 2023: विनिवेश का मुश्किल सफर
पिछले साल लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) जैसे बड़े नाम IPO के जरिए सरकार की कमाई नहीं करा सके। ऐसे में वित्त वर्ष 2023 में भी सरकार का विनिवेश लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। वहीं बजट 2023 में पेंशन के लिए सैलरी कैप बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार आवाज योजना के बारे में कुछ बड़ा ऐलान कर सकती है। ग्रामीण इलाकों में सरकार नए घर बनाने पर फोकस कर सकती है। इसके लिए सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी और ग्रामीण दोनों के बजट में भारी भरकम आवटंन कर सकती है। कहा जा रहा है कि सरकार ने साल 2024 तक ग्रामीण इलाकों में 84 लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा है। इससे प्रधानमंत्री आवास योजना को बढ़ावा मिल सकता है।
इस साल बजट आम आदमी को भारी पड़ सकता है। फाइनेंस मिनिस्टर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कई चीजों पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का फैसला कर सकती हैं। सरकार ने 35 चीजों की एक लिस्ट तैयार की है जिस पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान बजट में हो सकता है। इन सामानों में ज्वैलरी के अलावा प्राइवेट जेट, हेलीकॉप्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स शामिल हैं। अभी तक मिली खबरों के मुताबिक, सरकार गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी घटा सकती है। ज्वैलर्स एसोसिएशन लंबे समय से गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी घटाने की मांग करता आ रहा है। सरकारी घाटा बढ़ने से रोकने के लिए सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई थी। लेकिन इस साल वित्त मंत्री का फोकस फिस्कल कंसॉलिडेशन पर रह सकता है