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Budget 2023: सरकार पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 9.5 लाख करोड़ रुपये कर सकती है, DBS Bank की राधिका राव की उम्मीद

union budget 2023: सरकार ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए पूंजीगत खर्च के लिए 7.5 लाख करोड़ रुपये का टारगेट रखा है। माना जा रहा है कि सरकार अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए इस टारगेट को बढ़ाकर 9.5 लाख करोड़ रुपये कर सकती है

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 02, 2023 पर 3:43 PM
Budget 2023: सरकार पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 9.5 लाख करोड़ रुपये कर सकती है, DBS Bank की राधिका राव की उम्मीद
अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए फिस्कल डेफिसिट का टारगेट जीडीपी का 5.8 से 5.9 फीसदी हो सकता है।

Budget 2023: सरकार अगले फाइनेंशियल ईयर में पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) का टारगेट बढ़ाकर 9.5 लाख रुपये कर सकती है। DBS Bank की सीनियर इकोनॉमिस्ट राधिका राव ने यह उम्मीद जताई है। अगर सरकार ऐसा करती है तो यह पूंजीगत खर्च में कम से कम 20 फीसदी की वृद्धि होगी। इस फाइनेंशियल ईयर में सरकार ने पूंजीगत खर्च के लिए 7.5 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा था। मनीकंट्रोल से बातचीत में राव ने अगले बजट को लेकर व्यापक चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार का फोकस अगले बजट में किन बातों पर हो सकता है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। उम्मीद है कि इस बजट में वह इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार तेज करने के उपायों पर फोकस करेंगी।

ग्रामीण रोजगार योजना पर बढ़ेगा फोकस

राव ने कहा कि अगले यूनियन बजट में तीन बातों पर सरकार का फोकस हो सकता है। पहला, सप्लाई साइड के अड़चनों को दूर करना होगा। इसके लिए सरकार सोशल, रूरल प्रोग्राम सहित पूंजीगत खर्च आधारित मंत्रालयों के लिए आवंटन बढ़ा सकती है। दूसरा, सरकार रूरल इंप्लॉयमेंट स्कीम के लिए आवंटन बढ़ाकर रोजगार पर अपना फोकस बढ़ सकती है। तीसरा, उम्मीद है कि सरकार डायरेक्ट टैक्स में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगी।

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