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Budget 2023: सरकार को पैकेज नहीं कमजोर वर्गों के लिए राहत के उपाय करने होंगे

Budget 2023: केंद्र और राज्य सरकारों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को महंगाई के असर से बचाने वाले उपायों पर फोकस बनाए रखने की जरूरत है। लेकिन, उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि कुल डिमांड ज्यादा न बढ़े क्योंकि इससे इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा पैदा हो सकता है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 03, 2023 पर 1:15 PM
Budget 2023: सरकार को पैकेज नहीं कमजोर वर्गों के लिए राहत के उपाय करने होंगे
Nielsen IQ की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, FY23 की दूसरी तिमाही में अर्बन मार्केट्स का वॉल्यूम 1.2 फीसदी बढ़ा है, लेकिन रूरल मार्केट्स के वॉल्यूम में गिरावट आई है।

सच्चिदानंद शुक्ला

Budget 2023: ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ में 2023 में तेज गिरावट आने का अनुमान है। बेस इफेक्ट के साथ एडजस्ट करने पर यह उतनी कम हो सकती है, जितनी यह 2009 के वित्तीय संकट के बाद थी। इसकी वजह यह है कि यूक्रेन में चल रहा टकराव कभी न खत्म होने वाला संघर्ष बनता दिख रहा है। ग्लोबल ग्रोथ में कमी का असर इंडियन इकोनॉमी पर भी पड़ेगा। खासकर इसके कंजम्प्शन इंजन पर पड़ने के आसार हैं, जहां रिकवरी पिछले कुछ समय से K-shaped रही है।

यूनियन बजट से पहले अलग-अलग सेक्टर ने कंजम्प्शन बढ़ाने के लिए अपनी-अपनी मांगों के बारे में बताया है। इस फाइनेंशियल ईयर (2022-23) की पहली तिमाही में प्राइवेट कंजम्प्शन कोरोना से पहले के मुकाबले करीब 9.9 फीसदी ज्यादा था। लेकिन, कंजम्प्शन में देखी जा रही रिकवरी में कुछ बड़े फर्क देखने को मिले हैं। Nielsen IQ की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, FY23 की दूसरी तिमाही में अर्बन मार्केट्स का वॉल्यूम 1.2 फीसदी बढ़ा है, लेकिन रूरल मार्केट्स के वॉल्यूम में गिरावट आई है। FY23 की पहली तिमाही में आई 2.4 फीसदी की गिरावट के मुकाबले दूसरी तिमाही में FMCG की बिक्री में 3.6 फीसदी की कमी आई है। इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन डेटा के सप्लाई साइड के विश्लेषण से भी वॉल्यूम में गिरावट देखने को मिली है। कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स में पिछले लगातार तीन महीनों में गिरावट आई है।

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