बजट 2023: HDFC Securities के उनमेश शर्मा का मानना है कि सरकार को अगले यूनियन बजट (Union Budget) में पूंजीगत खर्च 20-25 फीसदी बढ़ाने की जरूरत है। साथ ही PLI स्कीम के दायरे में दूसरे सेक्टर को भी लाने की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अब सरकार बड़ी पॉलिसी का ऐलान बजट के बाहर भी करती है। यह इकोनॉमी की मैच्योरिटी का संकेत है। दरअसल, टैक्स स्लैब (Income Tax Slab) को काफी हद तक तर्कसंगत बनाया जा चुका है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह बजट ऐसे वक्त पेश होने जा रहा है, जब सरकार पर राजकोषीय घटाने और अपनी वित्तीय स्थिति को ठीक करने का दबाव है। पिछले हफ्ते इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने कहा था कि सरकार को फिसक्ल डेफिसिट में कमी लाने पर अपना फोकस बढ़ाना चाहिए। लेकिन, कई इकोनॉमिस्ट्स यह मानते हैं कि ग्लोबल इकोनॉमी की मुश्किलों को देखते हुए सरकार को पूंजीगत खर्च जारी रखने की जरूरत है।
