Budget 2023: अगर आप इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो कुछ हफ्ते इंतजार कर लेना ठीक रहेगा। यूनियन बजट में Electric Vehicles के लिए सरकार कई बड़े ऐलान करने वाली है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। ईवी इंडस्ट्री ने अपनी मांगों के बारे में वित्त मंत्री को बताया है। वित्त मंत्री अगर उनकी डिमांड्स मान लेती हैं तो इससे ईवी इंडस्ट्री को बड़ा फायदा होगा। ईवी इंडस्ट्री का कहना है कि सरकार को EV पर टैक्स छूट बढ़ाना चाहिए। इससे लोग ईवी खरीदने में दिलचस्पी दिखाएंगे।
FAME-II को 2024 से आगे बढ़ाया जाए
ईवी इंडस्ट्री ने Faster adoption and manufacturing of hybrid and electric vehicles (FAME-II) स्कीम को भी 2024 से आगे बढ़ाने की मांग की है। उसने कहा है कि सरकार को ईवी पर GST में कमी करने का भी ऐलान करना चाहिए।
इंडिया ईवी का सबसे बड़ा मार्केट बन सकता है
SUN Mobility के को-फाउंडर और चेयरमैन चेतन मैनी ने कहा, "ईवी इंडस्ट्री की उम्मीद है कि सरकार Advanced Chemistry Cell (ACC) बैटरीज पर जीएसटी घटाकर इसे EV के लेवल (5 फीसदी) पर लाएगी।" बेंगलुरु की इस कंपनी ने हाल में कहा था कि वह 2023 में इंडिया में 10,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स बेचना चाहती है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इंडिया के इलेक्ट्रिक टू-वहीलर्स का सबसे बड़ा मार्केट बनने की उम्मीद है।
तेजी से बढ़ रही ईवी की सेल
पिछले महीने (नवंबर) में देश में कुल 18,47,208 टू-व्हीलर्स की बिक्री हुई। इनमें इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की संख्या 76,438 रही। यह करीब 4 फीसदी है। दूसरी ईवी कंपनियों ने भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री अच्छी रहने की उम्मीद जताई है। लेकिन, इसके लिए सरकार से थोड़ी मदद की जरूरत है। Zypp Electric का कहना है कि लास्ट-माइल डिलीवरी सर्विसेज के लिए जीएसटी घठाने की जरूरत है।
जीएसटी घटाने से बढ़ेगा ईवी का इस्तेमाल
Zypp के को-फाउंडर और सीईओ आकाश गुप्तान ने कहा, "मेरा मानना है कि लास्ट-माइल-डिलीवरी सेगमेंट जैसे जोमैटो, बिगबास्केट, एमेजॉन में ईवी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। लेकिन हमें 18 फीसदी जीएसटी चुकाना पड़ रहा है। इसके साथ किसी तरह का इनसेंटिव भी नहीं है। हम अगले दो साल में लास्ट-माइल डिलीवरी इंडस्ट्री को पूरी तरह इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में बदल सकते हैं। लेकिन, हमें इसका विस्तार करने में दिककत आ रही है। हमें उम्मीद है कि अगले यूनियन बजट में सरकार इसे घटाकर जीरो करेगी।"