Budget 2023: इनफ्लेशन का असर एफएमसीजी कंपनियों पर भी पड़ा है। कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से कंपनियों के लिए प्रोडक्ट्स की कॉस्ट बढ़ गई है। प्रोडक्ट्स के प्राइसेज बढ़ाने से बचने के लिए कंपनियों ने उनके वजन घटाए हैं। कंपनियां अब अपना मार्जिन और वॉल्यूम बढ़ाने के बारे में सोच रही हैं। उन्हें 2023 में ग्रामीण इलाकों में मांग में सुधार आने की उम्मीद है। एफएमसीजी कंपनियों की कुल बिक्री में ग्रामीण इलाकों की एक-तिहाई से ज्यादा हिस्सेदारी है। एफएमसीजी कंपनियों को उम्मीद है कि अगले यूनियन बजट (Union Budget 2023) में सरकार डिमांड बढ़ाने के उपाय कर सकती है। इससे उनके प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ेगी। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा।
