बजट 2023: सरकार को इकोनॉमी में रिकवरी को देखते हुए फिस्कल पॉलिसी को एकोमोडेटिव रखना चाहिए। ग्लोबल इकोनॉमी को लेकर अनिश्चितता और मौद्रिक नीति में सख्ती के बीच ऐसा करना और जरूरी हो जाता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (NIPFP) की प्रोफेसर लेखा एस चक्रबर्ती ने यह बात कही है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। उम्मीद है कि सरकार फिस्कल डेफिसिट के टारगेट को इस फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले और कम करेगी। इस फाइनेंशियल ईयर में सरकार ने फिस्कल डेफिसिट के लिए 6.4 फीसदी का टारगेट रखा है। चक्रबर्ती ने अगले यूनियन बजट को लेकर मनीकंट्रोल से व्यापक बातचीत की। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को फिस्कल रूल्स के तहत फिस्कल डेफिसिट के टारगेट को जीडीपी के 3 फीसदी तक लाने के बारे में सोचना चाहिए।
