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Budget 2023: बढ़ते CAD को रोकने के लिए यूनियन बजट में उपाय करेंगी निर्मला सीतारमण

Budget 2023: पिछले साल फरवरी में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद कमोडिटी की कीमतों में उछाल आया। इससे करेंट अकाउंट डेफिसिट पर दबाव बढ़ गया। 2022 की दूसरी तिमाही में CAD जीडीपी का 2.2 फीसदी था, जो तीसरी तिमाही में बढ़कर 4 फीसदी से ऊपर निकल गया

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 09, 2023 पर 6:42 PM
Budget 2023: बढ़ते CAD को रोकने के लिए यूनियन बजट में उपाय करेंगी निर्मला सीतारमण
कैपिटल इकोनॉमिक्स के मुताबिक, CAD में 2023 में कमी आ सकती है। इसकी वजह यह है कि कमोडिटी की कीमतों में नरमी का रुख है।

Budget 2023: अगले यूनियन बजट (Union Budget) में बढ़ते करेंट अकाउं डेफिसिट (CAD) को रोकने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि फाइनेंस मिनिस्ट्री CAD को बढ़ने से रोकने के लिए कॉमर्स, पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर और फार्मा मिनिस्ट्रीज से बात कर रही है। दिसंबर में जारी ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, साल 2022 की तीसरी तिमाही में इंडिया का करेंट अकाउंट डेफिसिट बढ़कर 36.4 अरब डॉलर हो गया। यह जीडीपी का 4.4 फीसदी है। दूसरी तिमाही में यह 18.2 अरब डॉलर (जीडीपी का 2.2 फीसदी) था। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी।

कमोडिटी प्राइसेज में उछाल से बढ़ा CAD

कैपिटल इकोनॉमिक्स के मुताबिक, CAD में 2023 में कमी आ सकती है। इसकी वजह यह है कि कमोडिटी की कीमतों में नरमी का रुख है। घरेलू डिमांड में भी कमी आ रही है। पिछले साल फरवरी में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद कमोडिटी की कीमतों में उछाल आया था। इसके चलते करेंट अकाउंट डेफिसिट काफी बढ़ गया। अब पश्चिमी देशों पर मंदी के मंडराते खतरे ने चिंता बढ़ाई है। अगर मंदी बढ़ती है तो उसका असर निर्यात पर पड़ेगा।

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